गाज़ियाबाद में ‘चित्रमंथन’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण, साहित्यकारों ने साझा किए रचनात्मक विचार

कथा सम्राट प्रेमचंद एवं बाबू देवकी नंदन खत्री की स्मृति पर दिल्ली99 सोसाइटी, गीताश्री साहित्य भारती परिषद एवं नवभारत परिवर्तन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को क्लब हाउस, दिल्ली99 सोसाइटी में भव्य साहित्य उत्सव एवं पुस्तक लोकार्पण समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण चित्रकार, कवि एवं संपादक संजय कुमार गिरि द्वारा संपादित पुस्तक ‘चित्रमंथन’ का लोकार्पण रहा।
‘चित्रमंथन’ में देशभर के लगभग 51 कवियों एवं साहित्यकारों के संजय कुमार गिरि द्वारा पेंसिल से बनाए गए आकर्षक स्केच संकलित किए गए हैं। पुस्तक का प्रकाशन शब्दांकुर प्रकाशन द्वारा किया गया है। समारोह में प्रकाशक के० शंकर सौम्य भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व प्राचार्य भीम सेन ने सारस्वत अतिथि के रूप में सहभागिता की। वहीं विनयशील चतुर्वेदी और ऋषि कुमार शर्मा का विशेष सानिध्य प्राप्त हुआ। समारोह की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर कुलदीप सलिल ने की, जबकि डॉ. ओम सपरा एवं उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक मिश्र विशिष्ट अतिथि रहे।
कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ गीतकार एवं शायर नरेश मलिक ने किया, जबकि स्वागत वक्तव्य आमोद जौहरी एवं मंच संचालन मनोज श्रीवास्तव ‘अनाम’ ने प्रभावशाली ढंग से किया। इस अवसर पर डॉ. ओमप्रकाश प्रजापति, राजीव तनेजा, डॉ. मनोज कामदेव, डॉ. पूनम माटिआ, डॉ. तारा गुप्ता, दुर्गेश अवस्थी, राजेश मंडार, वंदना श्रीवास्तव, इंजीनियर ललित अत्रि, जाह्नवी सिंह, मनीषा जोशी, डॉ. नित्यानंद शुक्ल, सर्वेश रस्तोगी सहित 40 से अधिक प्रतिष्ठित साहित्यकारों एवं रचनाकारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
कार्यक्रम के दौरान मंचासीन साहित्यकारों एवं कवियों ने ‘चित्रमंथन’ पुस्तक की सराहना करते हुए अपने विचार व्यक्त किए। इसके साथ ही काव्य पाठ का भी आयोजन हुआ, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मान समारोह में नरेश मलिक एवं संजय कुमार गिरि ने सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और पुष्पहार भेंट कर सम्मान किया। साहित्य, कला और रचनात्मक अभिव्यक्ति को समर्पित यह आयोजन प्रतिभागियों के लिए यादगार बन गया। कार्यक्रम में आगत सभी अतिथियों एवं आयोजकों का प्रणय प्रसून जी ने औपचारिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate This Website »