प्रवासी भवन में आयोजित ‘डायस्पोरा से संवाद’ कार्यक्रम सम्पन्न

वैश्विक हिंदी परिवार ने ‘डायस्पोरा से संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन “प्रवासी भवन” नई दिल्ली में किया । इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि वरिष्ठ लेखक एवं संपादक श्री सुमन घई जी थे । सुमन घई जी कनाड़ा में राइटर्स ग्रिड ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष व साहित्य कुंज वेब पत्रिका के संपादक हैं । लाशें, उसने सच कहा था, वह लावारिस नहीं थी, असली नकली, उसकी खुश्बू, सुबह के साढ़े सात बजने से पहले जैसी कहानियों के द्वारा डायस्पोरा की दुनिया में अपनी रचनात्मक आभा बिखेर चुके हैं । उनकी कहानियों को पढ़ते हुए अन्यास ही निर्मल वर्मा, मंटो, यू आर अनंत मूर्ति जैसे साहित्यकारों की स्मृति कौंध जाती है । कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन श्री नारायण जी, (अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद) ने दिया, उनके उद्बोधन के पश्चात सुमन घई जी ने अपनी रचनात्मक और संपादकीय यात्रा के विषय में विस्तार से चर्चा की । तत्पश्चात रचनाकार से संवाद के क्रम में श्री राजेश कुमार ( संयुक्त संचिव, एन सी ई आर टी) श्री ऋषि कुमार शर्मा जी ( पूर्व उप सचिव, हिन्दी अकादमी) आदि ने अपने विचार व्यक्त किए । कार्यक्रम का संयोजन श्री ऋषि कुमार शर्मा जी ने किया । और धन्यवाद ज्ञापन श्री अनिल जोशी जी ( अध्यक्ष, वैश्विक हिंदी परिवार) ने लेखक के रचनात्मक कर्म पर चर्चा करते हुए किया । कार्यक्रम का संचालन सुशील द्विवेदी जी ने किया।
रिपोर्ट – सुशील द्विवेदी
