
नई दिल्ली के भारत मंडपम में अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेला- 2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस मेले में दिनांक 11.01.2026 को वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सविता चडढा की आत्मकथा “अपनी राम कहानी” का भव्य लोकार्पण संपन्न हुआ।
डॉ सविता चडढा की 57वीं कृति का लोकार्पण दिल्ली साहित्य अकादमी के पूर्व उपसचिव श्री बृजेन्द्र त्रिपाठी, हरियाणा साहित्य अकादमी, पंचकूला की पूर्व निदेशक एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मुक्ता शर्मा, समाजसेवी एवं सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ अंजू क्वात्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर इंडिया नेटबुक्स की निदेशक डॉ मनोरमा, डॉ कल्पना पाण्डेय ‘नवग्रह’, श्रीमती आशमा कौल, श्रीमती शकुंतला मित्तल, डॉ कविता मल्होत्रा, डॉ कविता सिंह प्रभा, डॉ रेखा मित्तल, श्रीमती वीणा अग्रवाल तथा श्रीमती उमंग सरीन की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर हिन्दी साहित्य जगत की विभिन्न विभूतियां उपस्थित रही, रंजना मजूमदार, सुरक्षा खुराना, सविता स्याल, पुष्पा सिन्हा, रेणु मिश्रा, कुमार सुबोध, सैयद अली अख्तर नक़वी, राधा गोयल, अर्चना पंड्या इत्यादि प्रमुख रहे। संचालन का दायित्व कवयित्री डॉ कल्पना पाण्डेय ‘नवग्रह’ के सशक्त हाथों में रहा।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सविता चडढा द्वारा सभी विशिष्ट अतिथियों का अंगवस्त्र ओढ़ाकर सम्मान किया गया। तत्पश्चात्, अपने आरंभिक उदबोधन में अपनी नवीनतम कृति पर दृष्टिगोचर प्रस्तुत करते हुए हुए कुछ चुनिंदा अनकहे अनसुने अनछूए पहलुओं को उपस्थित प्रबुद्धजनों के समक्ष रेखांकित किया। अगले चरण में क्रमबद्ध तरीके से संचालिका डॉ कल्पना पाण्डेय ‘नवग्रह’ ने विशिष्ट वक्ताओं श्रीमती उमंग जौली सरीन, श्रीमती शकुंतला मित्तल, श्रीमती आश्मा कौल, डॉ कविता मल्होत्रा, श्रीमती सविता स्याल, बृजेन्द्र त्रिपाठी, अंजू कवात्रा तथा डॉ मनोरमा को अपने-अपने वक्तव्यों के लिए आमंत्रित किया। सभी विद्वतजनों ने अपने भीतर के चक्षुओं के माध्यम से उनकी लोकार्पित कृति से अपनी चुनिंदा संस्मरणों के पक्षों को सारगर्भित दृष्टांतो के प्रस्तुतिकरणों से उपस्थित जनसमूह को अपने कुशल अंदाज में अवगत कराया और डॉ सविता चडढा की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए सविता चड्ढा के व्यक्तित्व और लेखकीय सफरनामें पर अपने विचार व्यक्त करे।
— कुमार सुबोध, ग्रेटर नोएडा वेस्ट।
