विद्या-प्रेम संस्कृति न्यास’ द्वारा आयोजित ‘सम्मान समारोह एवं संगोष्ठी‘

पवित्र भावनाओं के साथ, उदार मनोवृत्तियों के मेल से जब-जब होता है एकाकार, जन्मलेती है, एक ऐसी आहुति जो देती है साहित्याकाश में आवाज़,’विद्या-प्रेम संस्कृति न्यास’ एक संस्था नहीं संस्कार, संस्कृतियों, संवेदनाओं का अद्भुत है संसार। डॉ. कल्पना पांडेय नवग्रह।
‘विद्या-प्रेम संस्कृति न्यास’ द्वारा द्वारा 1 मार्च 2026 को निवास स्थान ‘प्रतिबिंब’में महत्त्वपूर्ण सम्मान प्रदान किए गए। पिता की याद में 2020 से शुरू किए सम्मानों में, अति महत्वपूर्ण सम्मान ‘प्रेम-रत्न सम्मान’ दिल्ली के गांधी शांति प्रतिष्ठान सम्मान समारोह समिति के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री अतुल प्रभाकर को एवं ‘विद्या-श्री’ से सम्मान लिटिल बर्ड प्रकाशन की अध्यक्ष एवं प्रबुद्ध साहित्यकार श्रीमती कुसुमलता सिंह जी को दिया गया।
सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार के रूप में श्रीमती सुक्ष्मलता महाजन, डॉ. शील कौशिक, श्री ब्रह्मदेव शर्मा, डॉ घमंडी लाल अग्रवाल, श्रीमती निशा भार्गव, श्रीमती अंजू क्वात्रा व प्रनिका क्वात्रा को सम्मानित किया गया।
‘विद्या-प्रेम स्मृति न्यास’ के संरक्षक डॉ. आर.के. सिंह एवं संस्था की संस्थापक व अध्यक्ष डॉ. कल्पना पांडेय ‘नवग्रह’ ने ‘प्रेम-रत्न सम्मान’ से सम्मानित श्री अतुल प्रभाकर जी को पुरस्कार में 5101 , ‘विद्या-श्री’ सम्मान से सम्मानित श्रीमती कुसुम लता सिंह जी को 2101 की धनराशि प्रदान की। और देश भर से पधारे लेखकों, कवियों का स्वागत किया। देश भर से प्राप्त पुस्तकों में से कुछ पुस्तकों के लेखकों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।
‘सर्वश्रेष्ठ साहित्यकार’ के लिए हिंदी साहित्य की विभिन्न विधाओं में पुरस्कार दिए गए। श्रीमती सूक्ष्म लता महाजन को नाटक विधा के लिए उनकी पुस्तक ‘स्वच्छ भारत’ के लिए, डॉ. शील कौशिक को सर्वश्रेष्ठ बाल कहानियों के लिए, निशा भार्गव को भी बाल कहानियों के लिए, डॉ. घमंडी लाल अग्रवाल को 21 लोकप्रिय पहेलियों के लिए, किशोर मन की कविताओं के लिए श्री ब्रह्मदेव शर्मा एवं नव प्रयोग में श्रीमती अंजू पत्र व प्रणेता क्वात्रा को दादी-पोती के रूप में सम्मानित किया गया।
सभा में उपस्थित विशिष्ट अतिथियों का भी सम्मान संस्थापिका डॉक्टर कल्पना पांडेय ‘नवग्रह एवं संरक्षक आर.के. सिंह द्वारा किया गया। प्रख्यात पत्रकार और एवं समाजसेवी डॉक्टर शंभू पँवार, ट्रू मीडिया के संपादक एवं संस्थापक श्री ओमप्रकाश प्रजापति, साहित्यकार श्री विनय विक्रम सिंह, साहित्यिक सेवाओं में अपनी भूमिका निर्बाध गति से चलाने के लिए श्री सैयद अख्त़र नकवी एवं नवीन विधा के रूप में कार्यक्रमों की प्रस्तुति देने वाले श्री कुमार सुबोध जी को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विशिष्ट सानिध्य के रूप में डॉ. सविता चड्ढा कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वैश्विक हिन्दी परिवार के मानद निदेशक विनय शील चतुर्वेदी एवं हिंदुस्तानी भाषा अकादमी के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री सुधाकर पाठक ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई । कार्यक्रम का संचालन श्रीमती परिणीता सिन्हा ‘स्वयंसिद्धा’ ने किया। निर्णायक के रूप में डॉ.डॉक्टर पुष्पा सिंह बिसेन की उपस्थिति प्रमुख रही।
आमंत्रित अतिथियों में श्रीमती सविता स्याल, आशमा कौल, श्रीमती कविता मल्होत्रा, डॉ. कविता सिंह प्रभा, श्रीमती शारदा मित्तल, शन्नो श्रीवास्तव, स्मिता श्रीवास्तव, अभिलाषा, लता, संजय शर्मा ,डॉ.मानिक शर्मा निरंजना, प्रांजल संजना की उपस्थिति सराहनीय रही।
कार्यक्रम के कुशल संयोजन में रोहित राकेश, काव्या दूबे प्रेम, सौरभ का योगदान सराहनीय रहा । इस अवसर पर देशभर से पधारे लेखकों , कवियों और साहित्यकारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की।
