डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रचना संसार पर आयोजित कार्यक्रम

नई दिल्ली। सुप्रसिद्ध साहित्यकार, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तथा भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के रचना संसार एवं रविवारीय कहानी वार्ता श्रृंखला के तीन वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में साहित्य अकादेमी के सभागार में विचार संगोष्ठी एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम साहित्य, संस्कृति और वैचारिक विमर्श का एक महत्वपूर्ण संगम सिद्ध हुआ, जिसमें देश के अनेक प्रतिष्ठित साहित्यकारों, शिक्षाविदों एवं बुद्धिजीवियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। रविवारीय कहानी वार्ता के 150 संस्करण पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष समारोह में डॉ. निशंक के साहित्यिक अवदान, सामाजिक चिंतन और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित वक्ताओं ने उनके रचना संसार को समकालीन हिंदी साहित्य की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए उनकी बहुआयामी प्रतिभा की सराहना की। इस अवसर पर डॉ. निशंक जी को अशोक चक्रधर, वरुण गुलाटी, प्रोफेसर के. जी. सुरेश तथा प्रोफेसर दर्शन पाण्डेय सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने साहित्य और समाज के बीच संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए डॉ. निशंक की रचनात्मक यात्रा को प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम की रूपरेखा से लेकर सफल क्रियान्वयन तक में डॉ. बेचैन कंडियाल, आशना कंडियाल नेगी एवं प्रोफेसर वेद प्रकाश वत्स की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्था एवं गरिमामयी संचालन के लिए सभी आयोजकों और उनकी पूरी टीम को उपस्थित अतिथियों ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। समारोह में साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और अधिक गरिमामय बना दिया। यह आयोजन हिंदी साहित्य जगत में एक यादगार और प्रेरणादायी अवसर के रूप में स्मरण किया जाएगा।
