‘साहित्य संवाद : हरि भटनागर’ में कथा-साहित्य और मानवीय संवेदनाओं पर सार्थक विमर्श

We

12 अक्टूबर 2026। वातायन यूरोप, गृहस्वामिनी, क्रिएटिव कल्चर और वैश्विक हिंदी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम ‘साहित्य संवाद’ में वरिष्ठ कथाकार हरि भटनागर के साहित्य, रचनात्मक यात्रा और कथा-दृष्टि पर सार्थक चर्चा हुई। कार्यक्रम में विश्व के विभिन्न देशों से साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी दर्शक के रूप में जुड़े और हिंदी साहित्य के इस संवाद के साक्षी बने।

Gg


कार्यक्रम का विशेष आकर्षण हरि भटनागर द्वारा अपनी स्वरचित कहानी ‘सेवड़ी रोटियां और जले आलू’ का वाचन रहा। उनकी कहानी ने श्रोताओं को जीवन के यथार्थ से रूबरू कराया। कार्यक्रम के संवादकर्ता डॉ. अम्बरीश त्रिपाठी ने हरि भटनागर से उनकी साहित्यिक यात्रा और रचनात्मक दृष्टि पर संवाद किया। समीक्षक मोहन सगोरिया एवं प्रो. रवि रंजन ने अपनी आलोचनात्मक टिप्पणियों से चर्चा को समृद्ध बनाया। साहित्य संवाद के दौरान हरि भटनागर के कथा-साहित्य में सामाजिक यथार्थ, मानवीय संबंधों और जीवन की जटिलताओं के चित्रण पर भी विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का संचालन आचार्य राजेश कुमार ने किया। आयोजन की संकल्पना एवं संयोजन में दिव्या माथुर, वातायन की संस्थापक एवं मुख्य संपादक, की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अर्पणा संत सिंह, संपादक, गृहस्वामिनी, ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए अतिथियों, वक्ताओं, समीक्षकों, तकनीकी सहयोगियों और देश-विदेश से जुड़े सभी साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया। तकनीकी सहयोग शिवि श्रीवास्तव एवं डॉ. मोहन बहुगुणा ने दिया।

इस अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक आयोजन में जापान से पद्मश्री प्रो. तोमियो मिज़ोकामी, डेनमार्क से अर्चना पैन्यूली, नीदरलैंड्स से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन तथा ब्रिटेन से आशा वर्मन की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। भारत से डॉ. जयशंकर यादव, शिशुपाल कुमार और डॉ. रश्मि वार्ष्णेय सहित अनेक साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी इस कार्यक्रम से जुड़े। विभिन्न देशों से मिली सहभागिता ने हिंदी साहित्य के वैश्विक विस्तार और साहित्यकारों के बीच आत्मीय संवाद को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी के महत्वपूर्ण रचनाकारों के साहित्यिक योगदान को व्यापक पाठक-वर्ग तक पहुँचाना तथा देश-विदेश के हिंदीप्रेमियों के बीच साहित्यिक संवाद को प्रोत्साहित करना है। साहित्य संवाद हर दूसरे शनिवार रात आठ बजे (भारतीय समयानुसार) वातायन यूरोप के यू ट्यूब चैनल पर प्रसारित किया जाता है। अगला साहित्य संवाद 24 अक्टूबर रात आठ बजे (भारतीय समयानुसार) आयोजित होगी जिसके मुख्य अतिथि प्रसिद्ध साहित्यकार प्रियदर्शन होंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate This Website »