Category: बंगला

डॉ. शैलजा सक्सेना की कविता ‘माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ का आशा बर्मन द्वारा बांग्ला अनुवाद

डॉ. शैलजा सक्सेना की कविता ‘माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ का आशा बर्मन द्वारा बांग्ला अनुवाद माँ! मैं तुम सी न हो पाई’ – डॉ. शैलजा सक्सेना माँ!…

शून्य का बोझ – (लघु कथा)

शून्य का बोझ कृष्णा वर्मा प्रकाश की पत्नी का असमय देहांत हो गया। पत्नी से अगाध प्रेम करने वाले प्रकाश ने कभी दूसरी शादी करने का सोचा तक नहीं। नन्हे…

फ़्लू – (लघु कथा – अनुवाद)

फ़्लू डॉ. शैलजा सक्सेना आज विभाग के मुख्यसचिव दौरा करने आ रहे थे। पिछले बार जब मुख्यसचिव आए थे तब नीता असिस्टेंट सैक्शन ऑफिसर बनी ही थी। उस को यह…

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