अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव


रियाद में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
रियाद में आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। इस अवसर पर सऊदी सरकार के अधिकारियों, राजनयिकों, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों तथा भारतीय समुदाय के सदस्यों सहित लगभग 500 प्रतिभागियों ने सहभागिता की। सभी ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलन और मानसिक शांति का संदेश दिया।कार्यक्रम का नेतृत्व सऊदी अरब की प्रतिष्ठित महिला योग प्रशिक्षकों सीमा घन्नम और मलक अल्मुघिरा ने किया। दोनों प्रशिक्षकों ने अपने उत्कृष्ट कौशल और अनुभव के साथ प्रतिभागियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। उनके मार्गदर्शन में आयोजित सत्र ने सभी उपस्थित लोगों को योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों से परिचित कराया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “योगा फॉर हेल्थी एजिंग” (स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग) रही। इस विषय ने लोगों को यह संदेश दिया कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवनभर स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित रहने की एक प्रभावी जीवनशैली है। योग ने इस अवसर पर दिल, दिमाग और शरीर को सामंजस्यपूर्ण ढंग से जोड़ने का कार्य किया।आयोजन की सफलता के लिए सऊदी सरकार, संबंधित संस्थाओं तथा सऊदी योग समिति के सहयोग और समर्थन के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उनके निरंतर प्रयासों के कारण योग को सऊदी समाज में व्यापक स्वीकृति और लोकप्रियता प्राप्त हो रही है। रियाद में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि योग की लोकप्रियता सऊदी अरब में लगातार बढ़ रही है। यह केवल स्वास्थ्य और कल्याण का माध्यम नहीं, बल्कि भारत और सऊदी अरब के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और मैत्रीपूर्ण संबंधों को सुदृढ़ करने वाला एक महत्वपूर्ण सेतु भी बन गया है। योग के माध्यम से दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ती निकटता सांस्कृतिक सहयोग के नए आयाम स्थापित कर रही है और यह आयोजन भारत-सऊदी अरब संबंधों में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध हुआ है।


कुवैत में उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
कुवैत में भारतीय दूतावास द्वारा 19 से 21 जून 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय योग महोत्सव के अंतर्गत 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य आयोजन बोलेवार्ड क्रिकेट स्टेडियम में किया गया। इस वर्ष योग दिवस की वैश्विक थीम “स्वस्थ उम्र के लिए योग” (‘योगा फॉर हेल्थी एजिंग’) रही, जिसके माध्यम से योग को स्वस्थ, सक्रिय और संतुलित जीवनशैली के रूप में अपनाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर कुवैत के विभिन्न क्षेत्रों से आए राजनयिकों, सरकारी अधिकारियों, सामुदायिक नेताओं, विद्यार्थियों, खेल एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों तथा योग प्रेमियों सहित 2200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सामूहिक योग सत्र में सभी आयु वर्ग के लोगों ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कर शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति के महत्व को अनुभव किया। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए कुवैत योग समिति की अध्यक्ष एच.ई. शेख शैखा अल सबाह तथा अरब जगत में योग के प्रचार-प्रसार के लिए प्रसिद्ध पद्मश्री सुश्री नौफ मारवाई, जो सऊदी अरब स्थित अरब योग फाउंडेशन की संस्थापक और एशियाई योगासन स्पोर्ट्स फेडरेशन की अध्यक्ष हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में योग को वैश्विक स्वास्थ्य, सद्भाव और सांस्कृतिक संवाद का प्रभावी माध्यम बताते हुए इसके व्यापक लाभों पर प्रकाश डाला। सामूहिक योगाभ्यास के अतिरिक्त कार्यक्रम में कई आकर्षक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। आगंतुकों ने “योग इन फोकस” फोटो प्रतियोगिता प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें योग के विविध आयामों और प्रेरक क्षणों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया था। साथ ही, योग विषयक चित्रकला प्रदर्शनी ने भी दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और योग की सांस्कृतिक एवं कलात्मक अभिव्यक्तियों को सामने रखा। पूरा आयोजन स्वास्थ्य, सामंजस्य, सकारात्मकता और सामुदायिक एकता की भावना से ओत-प्रोत रहा। भारतीय दूतावास ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान देने वाले सभी प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों और योग प्रशिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया। दूतावास ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित और सार्थक बनाने वाली एक समग्र जीवन-पद्धति है, जो विश्वभर के लोगों को जोड़ने का कार्य कर रही है। कुवैत में आयोजित यह भव्य योग समारोह भारत और कुवैत के बीच गहरे होते सांस्कृतिक संबंधों का भी प्रतीक बना। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और विभिन्न देशों के लोगों की सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि योग आज एक वैश्विक आंदोलन का स्वरूप ग्रहण कर चुका है, जो सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे मानवता को स्वास्थ्य और कल्याण के सूत्र में पिरो रहा है।


लिंकन मेमोरियल में गूंजा योग का संदेश, भव्यता के साथ मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डी.सी. स्थित ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित लिंकन मेमोरियल परिसर में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। भारत के दूतावास द्वारा आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में सैकड़ों लोगों ने भाग लेकर योग के प्रति अपनी आस्था और प्रतिबद्धता व्यक्त की। विविध आयु वर्ग, पृष्ठभूमि और राष्ट्रीयताओं से आए प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलन और वैश्विक एकता का संदेश दिया। इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग” (‘योगा फॉर हेल्थी एजिंग’) रही। कार्यक्रम का उद्देश्य यह रेखांकित करना था कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन के प्रत्येक चरण में स्वास्थ्य, मानसिक शांति और सक्रियता बनाए रखने का प्रभावी माध्यम है। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कर योग के सकारात्मक प्रभावों का अनुभव किया। लिंकन मेमोरियल जैसे ऐतिहासिक स्थल पर आयोजित यह समारोह भारत की प्राचीन योग परंपरा और उसके वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बना। कार्यक्रम में भाग लेने वाले लोगों ने योग को तनावमुक्त जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और आत्मिक संतुलन का मार्ग बताते हुए इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत के दूतावास ने इस अवसर पर योग को मानवता के साझा कल्याण का माध्यम बताते हुए कहा कि योग सीमाओं, भाषाओं और संस्कृतियों से परे लोगों को जोड़ने की अद्भुत क्षमता रखता है। योग के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समग्र कल्याण को बढ़ावा देने का संदेश व्यापक रूप से प्रसारित किया गया। कार्यक्रम में उमड़ी बड़ी संख्या और उत्साहपूर्ण सहभागिता ने यह सिद्ध किया कि अमेरिका में योग के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। लिंकन मेमोरियल में आयोजित यह भव्य आयोजन भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने के साथ-साथ विश्व समुदाय को स्वास्थ्य, सामंजस्य और शांति का संदेश देने में सफल रहा। योग दिवस का यह उत्सव वास्तव में इस विचार को साकार करता है कि योग जीवन के हर चरण में, हर व्यक्ति के लिए है।


कोलकाता में उत्साह और ऊर्जा के साथ मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
कोलकाता में इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन अत्यंत उत्साह, ऊर्जा और जनसहभागिता के साथ संपन्न हुआ। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से आए योग साधकों, विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों, स्वास्थ्यकर्मियों तथा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। सामूहिक योगाभ्यास के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक संतुलन और समग्र कल्याण का संदेश दिया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “स्वस्थ उम्र के लिए योग” (‘योगा फॉर हेल्थी एजिंग’) रही, जिसने जीवन के प्रत्येक चरण में योग की उपयोगिता और महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने बताया कि योग केवल शारीरिक फिटनेस का माध्यम नहीं है, बल्कि यह बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय, मन को शांत और जीवन को संतुलित बनाए रखने का प्रभावी साधन है। नियमित योगाभ्यास से लचीलापन, ऊर्जा, मानसिक एकाग्रता और रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है, जिससे व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और आत्मनिर्भर जीवन जी सकता है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान सत्रों में भाग लिया। बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिकों तक सभी आयु वर्ग के लोगों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास किया, जिससे यह संदेश सशक्त रूप से सामने आया कि योग किसी एक वर्ग या आयु तक सीमित नहीं, बल्कि सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है। कोलकाता का यह विशेष आयोजन योग को जन-जन तक पहुंचाने और उसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। कार्यक्रम ने लोगों को यह प्रेरणा दी कि स्वस्थ और सक्रिय जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करना समय की आवश्यकता है। सामूहिक सहभागिता और सकारात्मक वातावरण ने इस आयोजन को यादगार बना दिया तथा स्वास्थ्य, सद्भाव और सामाजिक एकता के मूल्यों को और मजबूत किया।


‘योग: कर्मसु कौशलम्’ — योग से स्वस्थ जीवन और सशक्त समाज की ओर
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज रोहिणी सेक्टर-14 स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क में आयोजित सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रातःकालीन वातावरण में बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों एवं बच्चों ने योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के प्रति अपनी जागरूकता व्यक्त की। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा कोलकाता से दिए गए प्रेरक उद्बोधन को भी वर्चुअल माध्यम से सुना। अपने संबोधन में उन्होंने योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानव जीवन को संतुलित, स्वस्थ और उद्देश्यपूर्ण बनाने वाली जीवन-पद्धति बताया। उन्होंने योग के माध्यम से विश्वभर में शांति, सद्भाव और स्वस्थ जीवन के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। योग भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर है। यह स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार प्रदान करता है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को तनावमुक्त रहने, आत्मविश्वास बढ़ाने, मानसिक एकाग्रता विकसित करने तथा जीवन में सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। योग हमें आत्मअनुशासन, संयम और कर्म के प्रति निष्ठा का भी पाठ पढ़ाता है, जिसका सार भगवद्गीता के सूत्र ‘योगः कर्मसु कौशलम्’ में निहित है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में योग आज एक वैश्विक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। भारत की प्राचीन योग परंपरा को विश्वभर में अभूतपूर्व सम्मान प्राप्त हुआ है और करोड़ों लोग इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाकर स्वास्थ्य और संतुलन की दिशा में अग्रसर हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का व्यापक वैश्विक उत्सव भारत की सांस्कृतिक विरासत और उसके सार्वभौमिक संदेश का प्रमाण है। आइए, हम सभी स्वस्थ, समर्थ और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के संकल्प के साथ योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न अंग बनाएं तथा स्वयं के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के कल्याण में भी अपना योगदान दें। योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि बेहतर जीवन, बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर भविष्य की दिशा में एक सशक्त कदम है।


“स्वस्थ उम्र के लिए योग” : अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर स्वास्थ्य और संतुलित जीवन का संदेश
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित विशेष कार्यक्रम में “स्वस्थ उम्र के लिए योग” विषय पर योग के महत्व और उसकी जीवनोपयोगी भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर डॉ. देवेंद्र कुमार और श्री राजकुमार मेहता ने योग की परिवर्तनकारी शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन-पद्धति है, जो व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से सशक्त बनाती है। अपने विचार व्यक्त करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती जीवनशैली संबंधी चुनौतियों, तनाव और स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग स्वस्थ और संतुलित जीवन का प्रभावी समाधान प्रस्तुत करता है। नियमित योगाभ्यास शरीर को लचीला और सक्रिय बनाए रखने के साथ-साथ मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करता है। विशेष रूप से बढ़ती उम्र में योग व्यक्ति को स्वस्थ, आत्मनिर्भर और ऊर्जावान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि योग का उद्देश्य केवल रोगों से बचाव नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना भी है। योग व्यक्ति के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और आत्म-जागरूकता का विकास करता है, जिससे वह जीवन की चुनौतियों का सामना अधिक संतुलित और सकारात्मक दृष्टिकोण से कर पाता है। यही कारण है कि आज योग को विश्वभर में स्वास्थ्य और कल्याण के एक प्रभावी माध्यम के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यदि योग को नियमित दिनचर्या में शामिल किया जाए तो यह न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक वातावरण के निर्माण में योगदान देता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि योग किसी एक आयु वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों सहित सभी के लिए समान रूप से लाभकारी है। आइए, हम सभी योग को केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि एक जीवन शैली के रूप में अपनाएं और स्वस्थ, सुखी, संतुलित तथा सामंजस्यपूर्ण भविष्य के निर्माण में अपना योगदान दें। योग के माध्यम से ही हम एक ऐसे समाज की कल्पना कर सकते हैं जो शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध हो।


समत्वं योग उच्यते
भारत की प्राचीन ऋषि-परंपरा ने विश्व को जो अमूल्य ज्ञान-संपदा प्रदान की है, उसमें योग का स्थान अत्यंत विशिष्ट है। योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने की विधि नहीं, योग जीवन को संतुलित, अनुशासित और सार्थक बनाने वाली एक समग्र जीवन-दृष्टि है। यह मनुष्य को बाह्य जगत की चंचलताओं से ऊपर उठाकर आत्मबोध, आत्मसंयम और आंतरिक शांति की ओर अग्रसर करता है। आज का युग अभूतपूर्व प्रगति का युग है, किंतु इसके साथ ही तनाव, मानसिक अशांति, प्रतिस्पर्धा और जीवन-मूल्यों के क्षरण जैसी चुनौतियाँ भी हमारे सामने हैं। ऐसे समय में योग केवल स्वास्थ्य का साधन नहीं, यह मानवीय चेतना को जागृत करने वाला सांस्कृतिक और आध्यात्मिक माध्यम बनकर उभरता है। योग हमें स्वयं से संवाद करना सिखाता है और जीवन में संतुलन, धैर्य तथा सकारात्मकता का संचार करता है। भगवद्गीता में कहा गया है- ‘योगः कर्मसु कौशलम्’, अर्थात् कर्मों में उत्कृष्टता और दक्षता ही योग है। यह सूत्र हमें बताता है कि योग केवल आसनों और प्राणायाम तक सीमित नहीं है, यह अपने प्रत्येक कर्तव्य को पूर्ण समर्पण, सजगता और संतुलन के साथ करना भी योग है। जब मन, बुद्धि और कर्म में सामंजस्य स्थापित होता है, तब जीवन स्वयं योगमय बन जाता है। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि भारत की इस सनातन साधना को आज सम्पूर्ण विश्व ने स्वीकार किया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परंपरा की वैश्विक स्वीकृति और मानव कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। योग विश्व को यह संदेश देता है कि स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग बाहरी संघर्षों में नहीं, बल्कि आंतरिक संतुलन और आत्मानुशासन में निहित है। आइए, इस योग दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि योग को केवल एक दिवस की गतिविधि न मानकर अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाएँगे।
योग हमें स्वयं और अपनी संस्कृति से जोड़ता है और सम्पूर्ण मानवता के साथ एकात्म भाव स्थापित करता है। यही योग का वास्तविक संदेश है और यही भारत की विश्व को अनुपम देन है।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ——
