Category: इनके बारे में जानिए

नहीं रहे बल्लभ डोभाल

नहीं रहे बल्लभ डोभाल वे नोएडा में रहते थे। वर्ष 1930 में पौड़ी गढ़वाल में उनका जन्म हुआ था। उन्होंने लाहौर, धर्मशाला और इलाहाबाद से शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने जीवन…

स्वतंत्र भारत: स्मृति, संघर्ष और संकल्प (15 अगस्त विशेषांक)

स्वतंत्र भारत: स्मृति, संघर्ष और संकल्प (15 अगस्त विशेषांक) रचना सूची 15 अगस्त का अर्थ : संपादकीय – (डॉ. शैलजा सक्सेना) रवींद्रनाथ ठाकुर-अनुवाद- (आशा बर्मन): मेरे सोने का बंगाल रवींद्रनाथ…

न्याय की भाषा हिंदी – इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की ऐतिहासिक पहल : विजय प्रभाकर नगरकर

न्याय की भाषा हिंदी – इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी की ऐतिहासिक पहल : विजय प्रभाकर नगरकर भारत में न्याय की भाषा को लेकर लंबे समय से विमर्श…

30 जुलाई 1923 : आध्यात्म, इतिहास, संस्कृत और परंपराओं के शोधकर्ता आचार्य गोविन्द चंद्र पाण्डेय का जन्म : रमेश शर्मा

30 जुलाई 1923 : आध्यात्म, इतिहास, संस्कृत और परंपराओं के शोधकर्ता आचार्य गोविन्द चंद्र पाण्डेय का जन्म : रमेश शर्मा भारत एक ओर भारतीय परंपराओं और संस्कृति के श्रेष्ठत्व को…

समय और साहित्य की लहरों पर डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘

समय और साहित्य की लहरों पर डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ 14 जुलाई को आदरणीय डॉ रमेश पोखरियाल निशंक जी का जन्मदिन होता है । हर बार की तरह इस बार…

प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) की पुण्य तिथि पर नमन

प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) की पुण्य तिथि पर नमन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक प्रो. राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया)पूण्य तिथि -14 जुलाई 2003 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ…

कनाडा के वरिष्ठ साहित्यकार श्याम त्रिपाठी को श्रद्धांजलि : डॉ. शैलजा सक्सेना

कनाडा के वरिष्ठ साहित्यकार श्याम त्रिपाठी को श्रद्धांजलि : डॉ. शैलजा सक्सेना मृत्यु का सन्नाटा उन लोगों के लिए अधिक होता है जो पीछे रह जाते हैं। लोग कहते हैं…

खामोश हो गयी पण्डवानी की हुंकार : विनय उपाध्याय

खामोश हो गयी पण्डवानी की हुंकार : विनय उपाध्याय कला की रंगभूमि पर रणभूमि की हुंकार भरने वाली मशहूर पण्डवानी गायिका तीजन बाई ने जीवन के रंगमंच को अलविदा कह…

मेरी प्रिय मित्र शैल जी ( संस्मरण ) : आशा बर्मन 

मेरी प्रिय मित्र शैल जी ( संस्मरण ) : आशा बर्मन अभी भी विश्वास नहीं आता है कि शैल जी हमें छोड़कर चली गई हैं। मेरा और उनका साथ बहुत…

विष्णु प्रभाकर जी के जन्म दिवस विशेष : डॉक्टर सविता चड्ढा

विष्णु प्रभाकर जी के जन्म दिवस विशेष : डॉक्टर सविता चड्ढा एक बहुत ही महत्वपूर्ण शख्सियत, सुप्रसिद्ध साहित्यकार, मेरे परम आदरणीय और बहुत ही प्रिय यायावर साहित्यकार विष्णु प्रभाकर जी…

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस : देश-विदेश के साधकों ने मनाया योग महोत्सव रियाद में उत्साहपूर्वक मनाया गया 12वाँ अंतरराष्ट्रीय योग दिवस रियाद में आज 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन बड़े…

सिखों के पाँचवें गुरु – श्री गुरू अर्जुन देव जी का जीवन और उपदेश : डॉ. चरनजीत सिंह

सिखों के पाँचवें गुरु – श्री गुरू अर्जुन देव जी का जीवन और उपदेश : डॉ. चरनजीत सिंह श्री गुरू नानक देव जी की पाँचवीं जोत साहिब श्री गुरू अर्जुन…

मनोज श्रीवास्तव ( साक्षात्कार ) : मानस के अनछुए पहलू

मनोज श्रीवास्तव ( साक्षात्कार ) : मानस के अनछुए पहलू डॉ. संध्या सिलावट जी ने लिया मनोज श्रीवास्तव जी, मुख्य चुनाव आयुक्त, मध्य प्रदेश का साक्षात्कार भारतीय समाज में तुलसीदास…

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”

अदब का महान सितारा डूबा : बशीर बद्र को श्रद्धांजलि

एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…

साहित्य जगत से “बशीर बद्र” को देशभर से श्रद्धांजलि

साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि)

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…

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