“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
हिंदी का वैश्विक मंच
“प्रख्यात कवि बालस्वरूप राही के 90वें जन्मवर्ष पर एकल काव्य पाठ एवं अभिनंदन समारोह”
एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…
साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…
“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…
अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…
“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…
“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…
जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के एक महान कवि, नाटककार और कहानीकार थे, जिन्हें भारतीय साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ के रूप में जाना जाता है। उनकी कृतियां…
राय कृष्णदास रजनीकंत शुक्ल राय कृष्णदास का जन्म 13 नबंवर सन 1892 ई. को वाराणसी में हुआ था। वे कहानी सम्राट प्रेमचन्द के समकालीन कहानीकार और गद्य गीत लेखक थे।…
मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति रजनीकांत शुक्ल विगत वर्ष आज के ही दिन देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार अर्जुन प्रजापति का कोरोना के चलते पैसठ वर्ष की अवस्था में निधन हो गया था।…
संजीव कुमार के जीवन का आखिरी दिन 06 नवंबर 1985 को संजीव कुमार की मृत्यु हुई थी। “उन्होंने मुझसे ‘राही’ की डबिंग कंप्लीट करने को कहा। मैं तैयार नहीं था।…
पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…
स्मिता पाटिल रजनीकांत शुक्ला स्मिता पाटिल का जन्म 17 अक्टूबर, 1955 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। वे हिन्दी फ़िल्मों की सुप्रसिद्ध अभिनेत्री थीं। उन्होंने अपने सशक्त अभिनय से समानांतर…
सपनों के सौदागर से हेमा मालिनी ने हिंदी फिल्मों में डेब्यू किया। तमिल ब्राह्मण परिवार में पली बढ़ी, भरतनाट्यम में पारंगत और सरकारी मुलाजिम की 19 साल की बेटी का…
संथाली साहित्य के विमर्श में आत्मसम्मान और सांस्कृतिक चेतना केंद्र बिंदु में रहे हैं। झारखंड के संथाल परगना में देवघर, गोड्डा, पाकुड़, साहिबगंज और दुमका जैसे जिले शामिल हैं, और…
प्रसिद्ध तबला वादक पंडित लच्छू महाराज का नाम भारतीय संगीत जगत में बड़े सम्मान के साथ लिया जाता है। वे एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने अपनी कला की गहराई से…
मार्गरेथा जेला बनी माताहारी रजनीकांत शुक्ला आज ही के दिन 15 अक्टूबर, 1917 को पेरिस में माताहारी को बारह सैनिकों द्वारा गोलियाँ मार कर मौत की सज़ा दे दी गई…
9 अक्टूबर 1945 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में संगीत के एक बड़े परिवार में जन्मे उस्ताद अमजद अली खान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वह…
राजा लक्ष्मण सिंह रजनीकांत शुक्ला राजा लक्ष्मण सिंह का जन्म 9 अक्टूबर, 1826 ई. को आगरा, उत्तर प्रदेश में हुआ था। वे भारतेंदु हरिश्चंद्र युग से पूर्व की हिन्दी गद्यशैली…
अमृतलाल बेगड़ रजनीकांत शुक्ला अमृतलाल बेगड़ का जन्म 3 अक्टूबर, 1928 को जबलपुर, मध्य प्रदेश में हुआ था। वे प्रसिद्ध साहित्यकार, चित्रकार और नर्मदा प्रेमी थे। वे नर्मदा नदी समग्र…