माँ का जन्मदिन : वेद प्रकाश सिंह

आज माँ का जन्मदिन है
यह बात बच्चों को क्या!
माँ को भी नहीं मालूम थी।
तीन दिन पहले ही
माँ अनंत की यात्रा पर निकल चुकी हैं
इससे पहले कि
मैं कहता-
माँ आज आपका जन्मदिन है
वे जा चुकी हैं उस लोक
जहाँ हमारी कोई आवाज नहीं जा सकती।
वे जब थीं
तो हवा, पानी, पेड़, पौधे और पृथ्वी की तरह थीं
उनकी चिंता किसी को न थी
सबकी चिंता उनको थी।
उनका जन्म किस दिन हुआ था
किसी ने न सोचा
यहाँ तक कि कागजों में लिखा जन्मदिन भी
किसी को याद न था।
आज जब माँ नहीं रहीं
तब अचानक नजर गई
आज पाँच सितम्बर
आज माँ का जन्मदिन है
लेकिन अब माँ नहीं हैं।
