
पाँच सितंबर को “सूरीनाम हिन्दी परिषद्” के 48 वें स्थापना दिवस के अवसर पर व हिन्दी पखवाड़े के अवसर पर ‘हिन्दी भाषण प्रतियोगिता’ का आयोजन किया गया। श्री करन जागेसर ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। श्रीमती मंदरांचल घिसाईदुबे व ‘सूरीनाम हिन्दी परिषद्’ के संस्थापक श्री लक्ष्मण सिंह जी ने इस संस्था की स्थापना व इतिहास की जानकारी वहाँ उपस्थित लोगों के साथ साझा की।
श्री विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र सूरीनाम के सांस्कृतिक निदेशक ने इस अवसर पर अपने वक्तव्य में भारत से सूरीनाम गये पूर्वजों व भारतीय संस्कृति और हिन्दी भाषा को इतने वर्षों तक संरक्षित रखने के लिए पूरे हिंदुस्तानी भारतीय समुदाय की भूरी-भूरी प्रशंसा की और कहा की भारतीय जहाँ कहीं भी गए उन्होंने भारत का नाम रोशन किया है। इस अवसर पर सूरीनाम हिन्दी परिषद के विद्यार्थियों सुनंदा गोपी व रेशमा गोपी भरत नाट्यम की सुंदर प्रस्तुति दी। अन्य कलाकारों ने भी संगीत, नृत्य व गायन की प्रस्तुतियाँ दी। हिन्दी भाषण प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार लक्ष्मन निशाल, द्वितीय पुरस्कार हरपाल प्रान व तृतीय पुरस्कार बोहरी नम्रता को दिया गया। जानकी शाम और हीरा साक्षी के प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष श्री परमसुख परमानंद जी अपनी अस्वस्था के कारण कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उनके स्थान पर संस्था के अन्य सदस्यों ने उनका कार्यभार सँभाला।





रिपोर्ट: डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे
