‘भारतीय भाषा संगम २.०’ के आयोजन की तैयारियां

द्विदिवसीय कार्यक्रम ‘भारतीय भाषा संगम २.०’ विकसित भारत के निर्माण में भारतीय भाषाओं की भूमिका और उनके विभिन्न आयामों पर केंद्रित है। कार्यक्रम का शुभारंभ आज 28 अप्रैल 2026 को प्रथम सत्र से होगा, जिसमें श्री अनिल जोशी प्रस्तावना रखेंगे और श्री प्रफुल्ल केतकर मुख्य वक्ता के रूप में ‘विकसित भारत का सांस्कृतिक आधार-स्रोत’ पर विचार साझा करेंगे। इस सत्र का संचालन डॉ. विशाला शर्मा द्वारा किया जाएगा। इसके पश्चात द्वितीय सत्र में प्रौद्योगिकी और AI के भारतीय भाषाओं के साथ समन्वय पर चर्चा होगी, जिसमें श्री संक्रांत सानु मुख्य वक्तव्य देंगे और डॉ. राचेल फिलिप विशिष्ट वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगी। दिन के अंतिम चरण में तीन समानांतर परिसंवाद आयोजित किए जाएंगे, जिनमें डॉ. अतुल कोठारी, डॉ. भाग्येश झा, प्रो. सोमा बंदोपाध्याय, प्रो. अजय कुमार तिवारी और प्रो. सुधीर प्रताप सिंह जैसे दिग्गज शिक्षाविद् विभिन्न समूहों का नेतृत्व करेंगे। प्रथम दिन का समापन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा।
​कार्यक्रम के दूसरे दिन, 29 अप्रैल 2026 को पंचम सत्र के अंतर्गत पुनः तीन समानांतर परिसंवाद होंगे, जिसमें प्रो. प्रभाशंकर शुक्ल और डॉ. रवींद्र शुक्ल जैसे विद्वान ‘भारतीय भाषाओं की एकात्मता’ पर मंथन करेंगे। षष्ट सत्र इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जहाँ राज्यसभा के उप-सभापति माननीय श्री हरिवंश मुख्य वक्ता होंगे और माननीय राज्यपाल श्री राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर अध्यक्षीय उद्बोधन देंगे। दोपहर के सत्रों में विकास के भारतीय प्रतिमान और न्यायपालिका व कार्यपालिका में भारतीय भाषाओं के उपयोग पर प्रो. मोहन कुन्नूमल और श्रीमती लीना मेहेंद्रले जैसी विभूतियाँ अपने विचार रखेंगी, जबकि सत्रों का संचालन डॉ. वरुण कुमार और श्रीमती मैथिली पी. राव द्वारा किया जाएगा। कार्यक्रम का भव्य समापन सायं 04.45 बजे होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ और अति विशिष्ट अतिथि के रूप में गुजरात के उप-मुख्यमंत्री श्री हर्ष संघवी उपस्थित रहेंगे।

रिपोर्ट– प्रखर शर्मा

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