पी जा हर अपमान ( गीत ) : बालस्वरूप ‘राही’
पी जा हर अपमान ( गीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ पी जा हर अपमान और कुछ चारा भी तो नहीं ! तूने स्वाभिमान से जीना चाहा यही ग़लत थाकहाँ पक्ष…
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पी जा हर अपमान ( गीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ पी जा हर अपमान और कुछ चारा भी तो नहीं ! तूने स्वाभिमान से जीना चाहा यही ग़लत थाकहाँ पक्ष…
जिंदगी क्रम ( गीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ जो काम किया, वह काम नहीं आएगाइतिहास हमारा नाम नहीं दोहराएगाजब से सुरों को बेच ख़रीदी सुविधातब से ही मन में बनी…