सूरज का रथ ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’
सूरज का रथ ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ सूरज का रथ बड़ा निराला,जुते हुए हैं घोड़े सात! घोड़ा एक लाल भड़कीला,घोड़ा एक हरा चमकीला,घोड़ा एक चमाचम पीला,एक बड़ा ही…
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सूरज का रथ ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ सूरज का रथ बड़ा निराला,जुते हुए हैं घोड़े सात! घोड़ा एक लाल भड़कीला,घोड़ा एक हरा चमकीला,घोड़ा एक चमाचम पीला,एक बड़ा ही…
गाँधीजी के बन्दर तीन ( बालगीत ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’ गाँधीजी के बन्दर तीन,सीख हमें देते अनमोल । बुरा दिखे तो दो मत ध्यान,बुरी बात पर दो मत कान,कभी…
उनके वादे कल के हैं ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालसरूप राही उनके वादे कल के हैंहम मेहमाँ दो पल के हैं । कहने को दो पलके हैंकितने सागर छलके…
ज्ञान – ध्यान कुछ काम न आए ( ग़ज़ल ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’ ज्ञान ध्यान कुछ काम न आएहम तो जीवन-भर अकुलाए । पथ निहारते दृग पथराएहर आहट पर…