Category: भारतीय रचनाकार

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा

दिन विशेष पुस्तक समीक्षा : ‘शहर दर शहर’ (उपन्यास) — लेखक राजेंद्र राजन – समीक्षा : निर्देश निधि द्वारा निर्देश निधि इतिहास में एम.फिल. हैं और कहानी, कविता, संस्मरण, यात्रा-संस्मरण,…

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल कमलेश कमल हिंदी के चर्चित वैयाकरण, भाषाविज्ञानी एवं लेखक हैं। वे भारतीय शिक्षा बोर्ड के…

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात

दिन विशेष कथेतर में “राधाकृष्णन : एक दार्शनिक राष्ट्रपति एवं शिक्षक”- डॉ. अनुज प्रभात “समाज में शिक्षकों के महत्व को पहचानने के लिए 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस मनाइये। यह…

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल

दिन विशेष व्यंग्य – गुरुकुल का रहस्य – विक्रम-वेताल : कमलेश कँवल “राजन, नीचे बाईं ओर दृष्टि डालिए। अद्भुत दृश्य है!” विक्रम की पीठ पर लदे वेताल ने कहा। विक्रम…

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में ‘अवतार सिंह संधू’ की पंजाबी कविता का ‘किरण खन्ना’ द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. किरण खन्ना अध्यक्ष, स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डीएवी कॉलेज अमृतसर, पंजाब सब से ख़तरनाकमेहनत…

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर मातृभाषा : स्मृति नहीं, भविष्य की शक्ति भाषा केवल शब्दों का…

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से

दिन विशेष ( कविता ) में धर्मवीर भारती की कविता ‘कनुप्रिया’ से घाट से लौटते हुएतीसरे पहर की अलसायी बेला मेंमैंने अक्सर तुम्हें कदम्ब के नीचेचुपचाप ध्यानमग्न खड़े पायामैंने कोई…

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ”

जन्मदिन विशेष में भारतेंदु हरिश्चंद्र की कविता “अब प्रीति करी तौ निबाह करौ” अब प्रीति करी तौ निबाह करौअपने जन सों मुख मोरिए ना ।तुम तो सब जानत नेह मजाअब…

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव

उर्दू अकादमी के कार्यक्रम में ‘स्त्री-विमर्श और संस्कारों के बदलते कथानक’ विषय पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए: मनोज कुमार श्रीवास्तव अभी जब सिराज अजमली सर बोल रहे…

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम”

दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम” यह मैं हूं। यह मेरी तस्वीर है। इसमें मेरे बाल खूब बढ़े हुए हैं-धोनी प्रभाव के चलते नहीं, बल्कि अल्प-बेकारी से उपजे…

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ

दिन विशेष में सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा की लघुकथाएँ “थ्रिल मेरी जान” “मैं ठीक तीन बजे आ जाऊँगी तेरे हॉस्टल के गेट पर। तैयार मिलियो।” अंतिम पीरियड समाप्त होते ही नमिता…

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें”

दिन विशेष कहानी में डॉ. अंजना गर्ग की कहानी “चार खुश औरतें“ डॉ अंजना गर्ग की यह कहानी “चार खुश औरतें” जीवन के प्रति एक नए दृष्टिकोण को प्रस्तुत करती…

दिन विशेष : शिक्षक दिवस – रजनी मिश्रा

दिन विशेष : शिक्षक दिवस – रजनी मिश्रा 5 सितंबर शिक्षक दिवस है ।अभी गुरु पूर्णिमा गई हैअब शिक्षक दिवस आने वाला है क्या अंतर है दोनों में?शिक्षक,शिक्षा देने वाला,गुरु…

दिन विशेष (कथेतर) में विरहिणी मन और पुरुष – अभिव्यक्ति : संध्या सिलावट

दिन विशेष (कथेतर) में विरहिणी मन और पुरुष – अभिव्यक्ति : संध्या सिलावट संध्या सिलावट ने इस आलेख में नारी और पुरुष के बीच प्रेम-बीज के अंकुरित होकर इसके विराट…

दिन विशेष (व्यंग्य) में ‘छींक पुराण’ : डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र

दिन विशेष (व्यंग्य) में ‘छींक पुराण’ : डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र परिचय : डॉ. मनोज श्रीवास्तव, जिनका लेखकीय नाम ‘मनोज मोक्षेन्द्र’ है, समकालीन हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित साहित्यकार, व्यंग्यकार, कथाकार, कवि,…

दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. जमुना कृष्णराज शिक्षाएम. ए. (हिन्दी एवं अंग्रेजी), पीएच.डी. (हिन्दी), अनुवाद में डिप्लोमा। कृतियाँशब्द…

दिन विशेष : डॉ. परशुराम की हिंदी कविता का मराठी अनुवाद — प्रो. धन्यकुमार द्वारा।

दिन विशेष : डॉ. परशुराम की हिंदी कविता का मराठी अनुवाद — प्रो. धन्यकुमार द्वारा। परिचयधन्यकुमार जिनपाल बिराजदारज्ञात भाषा : हिन्दी, मराठी, कन्नड़, अंग्रेज़ी प्रकाशित13 प्रकशित कृतियाँ तथा विभिन्न समाचार…

अवधी-गीत : प्रदीप सारंग

अवधी-गीत : प्रदीप सारंग संक्षिप्त परिचय : प्रदीप सारंगजन्म: 20 अक्टूबर 1969– शिक्षा: बीए बीएड, साहित्य रत्न, आयुर्वेद रत्न– प्रकाशित कृति: (i) सारंग-कुण्डलियाँ (151 कुण्डलियों का संग्रह) (ii) सारंग-हुण्डलियाँ (151…

डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव

डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव डॉ. ममता खेड़े की यह पुस्तक “लोकावतरण” १० वैदिक सूक्तों का…

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर ‘वैश्विक हिंदी परिवार’ के साप्ताहिक मंच पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में भगवान श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व…

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