गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना
गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना आज दुनिया की इतनी सारी माता के बारे में सुनकर मन भावुक रहा है लिखने में तो मन बहुत ही छोटा शब्द…
हिंदी का वैश्विक मंच
गोर्की की माँ – समीक्षक : शैलजा सक्सेना आज दुनिया की इतनी सारी माता के बारे में सुनकर मन भावुक रहा है लिखने में तो मन बहुत ही छोटा शब्द…
धरती का दर्द – अनीता वर्मा आवारा बादल खुशी से गुनगुनाता हुआ नीचे जा रही नदी को देख कर दीवाना हो रहा था। साफ हवाएँ उनके इश्क को देखकर तेजी…
ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड की जादुई लोक कथाएँ: संस्कृति और कल्पना और यथार्थ का सुन्दर संगम : समीक्षक – रेखा राजवंशी मुझे 1988 में ट्यूलिपों के देश नीदरलैंड जाने का…
अभी कई सारे गीत उन पर लिखे जाने की प्रतीक्षा में हैं – स्वरांगी साने : समीक्षा डॉ. सुनील देवधर आकाशवाणी से सहायक निदेशक के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं।…
इट हैपंस इन इंडिया: अनोखे रिश्ते – सच्चिदानंद जोशी इंडिगो की फ्लाइट से गौहाटी जा रहा था। सबसे आगे वाली सीट थी , विंडो के पास। फ्लाइट चलने को हुई…
हिंदी पत्रकारिता द्विशताब्दी महोत्सव : विरासत, चेतना और भविष्य का विमर्श इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, मीडिया केंद्र एवं माधवराव सप्रे स्मृति समाचारपत्र संग्रहालय एवं शोध संस्थान द्वारा आयोजित ‘हिंदी…