Category: बालगीत

ठुमक ठुमक ( बालगीत ) – बालस्वरूप ‘राही’

ठुमक ठुमक ( बालगीत ) – बालस्वरूप ‘राही’ मैं तो बिल्कुल नहीं खेलतानाटक मम्मी जी, इस बार,गुड्डी को तो परी बनायामुझे बनाया राजकुमार! इसके ठाट-बाट तो देखोकैसी शान निराली है,आँखों…

रंग जमाया टी.वी. ने ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’

रंग जमाया टी.वी. ने ( बालगीत ) : बालस्वरूप ‘राही’ फीके पड़े तमाशे सारे, रंग जमाया टी.वी ने!ए बी सी डी ई एफ जी,फिल्मों की है धूम मची,सबने इतवारों की…

ऊँट ( बालगीत ) : बाल स्वरूप ‘राही’

ऊँट ( बालगीत ) : बाल स्वरूप ‘राही’ ऊँट बड़े तुम ऊट-पटाँग!गरदन लंबी, पूंछ जरा-सीआँखें छोटी, दाटत बड़े,ऊबड़-खाबड़ पीठ, ऊँघतेरहते अक्सर खड़े-खड़े।बँधी गद्दियाँ हैं पैरों मेंलेकिन झाडू जैसी टाँग! सारा…

गाँधीजी के बन्दर तीन ( बालगीत ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’

गाँधीजी के बन्दर तीन ( बालगीत ) : डॉ. बालस्वरूप ‘राही’ गाँधीजी के बन्दर तीन,सीख हमें देते अनमोल । बुरा दिखे तो दो मत ध्यान,बुरी बात पर दो मत कान,कभी…

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