‘2011 और नैनी झील’ (कविता)
‘2011 और नैनी झील’ (कविता) 2011, अब,कैलेंडर से, उतर चुका है।पर आज भी,जब, दिसंबर की हवा, चलती है,मैं, अचानकनैनी झील के किनारे, पहुँच जाता हूँ।देवदार, फिर हिलते हैं,गुब्बारे वाला बच्चा,…
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‘2011 और नैनी झील’ (कविता) 2011, अब,कैलेंडर से, उतर चुका है।पर आज भी,जब, दिसंबर की हवा, चलती है,मैं, अचानकनैनी झील के किनारे, पहुँच जाता हूँ।देवदार, फिर हिलते हैं,गुब्बारे वाला बच्चा,…