Month: May 2026

कवि-लेखक-समीक्षक नरेश शांडिल्य द्वारा सृजित नवीनतम तीन गद्य संग्रहों पर चर्चा का भव्य आयोजन सम्पन्न

कवि-लेखक-समीक्षक नरेश शांडिल्य द्वारा सृजित नवीनतम तीन गद्य संग्रहों पर चर्चा का भव्य आयोजन सम्पन्न दिनांक 29.05.2026 को नई दिल्ली के कनाट प्लेस से सटे ऐतिहासिक जनपथ मार्ग पर स्थित…

‘विकसित भारत 2047’ के लिए शिक्षा पर पुणे में राष्ट्रीय मंथन

‘विकसित भारत 2047’ के लिए शिक्षा पर पुणे में राष्ट्रीय मंथन शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली की तीन दिवसीय राष्ट्रीय बैठक के प्रथम दिवस पर राष्ट्रीय संचालन समिति की…

श्राउड ऑफ टूरिन का रहस्य

आस्था, इतिहास और विज्ञान के बीच एक जटिल संवाद मनीष पाण्डेय ‘मनु’, नीदरलैंड्स दुनिया के सभी धर्मों, समुदाओं और भौगोलिक क्षेत्रों के इतिहास में कुछ ना कुछ ऐसी वस्तुएँ हैं…

तुम्हारे शब्द मुझ तक पहुँच ही कहां पाते हैं ?

अनूप भार्गव अक्सर जमाने कीज़बरदस्ती ओढाई गईतहज़ीब की चाशनी मेंफ़िसल के लौट जाते हैं , तुम्हारे शब्द मुझ तक पहुँच ही कहां पाते हैं ? तुम्हारे होठों के गोल होने…

अदब का महान सितारा डूबा : बशीर बद्र को श्रद्धांजलि

एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…

साहित्य जगत से “बशीर बद्र” को देशभर से श्रद्धांजलि

साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…

भारतीय भाषाओं के विकास का ब्ल्यू प्रिंट बनाने में भाषाविद् जुड़े 

भारतीय भाषाओं के विकास का ब्ल्यू प्रिंट बनाने में भाषाविद् जुड़े भारतीय भाषाओं के प्रोत्साहन, संरक्षण एवं संवर्द्धन पर गंभीर चिंतन-मंथन, ठोस कार्य-योजना के प्रारूप पर विचार-विमर्श तथा उसके प्रभावी…

पुस्तक लोकार्पण एवं ‘सिंधु माता भजन एवं आरती’ विमोचन कार्यक्रम

पुस्तक लोकार्पण एवं ‘सिंधु माता भजन एवं आरती’ विमोचन कार्यक्रम

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’

“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि)

“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि

“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…

शेष – अशेष : अनीता वर्मा ( कविता )

शेष – अशेष : अनीता वर्मा ( कविता ) क्या होगा अगर तुम्हें जानेंगे बहुत लोगक्या ही होगा अगर तुम सिर्फ बातें ही करोगे समझदारी कीऔर क्या ही करोगे जब…

“गुंजन” राष्ट्रीय कहानी प्रतियोगिता में प्रसिद्ध रचनाकार डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ की कहानी को प्रथम पुरस्कार

“गुंजन” राष्ट्रीय कहानी प्रतियोगिता में प्रसिद्ध रचनाकार डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ की कहानी को प्रथम पुरस्कार दार्जलिंग: पहाड़ों की मखमली धुंध, चाय के बागानों की हरीतिमा और किताबों की…

“यादों में गौरैया” उपन्यास को साहित्य सम्मान ( रांची )

“यादों में गौरैया” उपन्यास को साहित्य सम्मान ( रांची ) प्रसिद्ध साहित्यकार और व्यंग्यकार डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ के चर्चित उपन्यास को ‘साहित्य चेतना मंच’ ने चुना वर्ष की…

परजीवी तिलचट्टे – विनयशील चतुर्वेदी ( कविता )

परजीवी तिलचट्टे – विनयशील चतुर्वेदी ( कविता ) बहुत ही खतरनाक हैं येढूंढ लेते हैं अंधरेघुस जाते हैदरारों मेंगटरों मेंहर उस जगह जहाँ होता हैअंधेरा………लाखों लाठियाँ लेकर भागोइनके पीछेहज़ारों तरह…

दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सत्र

“गिरमिटिया देशों मे हिन्दी पत्रकारिता एवं साहित्य का सामाजिक आंदोलन, स्वतंत्रता, शिक्षा एवं संस्कृति में योगदान”

कमरा नंबर 302 – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ (व्यंग्य)

कमरा नंबर 302 – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ (व्यंग्य) उस ओयो होटल की गलियाँ किसी भूलभुलैया जैसी थीं, जहाँ रोशनी भी डरी-सहमी सी अंदर आती थी। बाहर बोर्ड पर…

“सीबीएसई विद्यार्थियों हेतु त्रिभाषा अध्ययन का स्वर्णिम अवसर” – ए. विनोद

“सीबीएसई विद्यार्थियों हेतु त्रिभाषा अध्ययन का स्वर्णिम अवसर”– ए. विनोद भारत को भाषाओं का देश कहा जाता है, और यह विशेषण अत्यंत सार्थक है। विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों का सहअस्तित्व…

“उदंत मार्त्तण्ड” द्विशताब्दी समारोह के 200 वर्ष पूर्ण होने पर ऐतिहासिक राष्ट्रीय संगोष्ठी

“उदंत मार्त्तण्ड” द्विशताब्दी समारोह के 200 वर्ष पूर्ण होने पर ऐतिहासिक राष्ट्रीय संगोष्ठी भारतीय भाषा परिषद, कोलकाता के सौजन्य एवं आमंत्रण पर दिनांक 23 मई 2026 को आयोजित “उदंत मार्त्तण्ड…

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