दिन विशेष कविता में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता “चाँदनी की पाँच परतें”
दिन विशेष कविता में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता “चाँदनी की पाँच परतें” चाँदनी की पाँच परतें,हर परत अज्ञात है एक जल में,एक थल में, एक नीलाकाश मेंएक आँखों में तुम्हारे…
हिंदी का वैश्विक मंच
दिन विशेष कविता में सर्वेश्वरदयाल सक्सेना की कविता “चाँदनी की पाँच परतें” चाँदनी की पाँच परतें,हर परत अज्ञात है एक जल में,एक थल में, एक नीलाकाश मेंएक आँखों में तुम्हारे…