नई कहानी

नानी सुनाओ कोई नई कहानी
राजा रानी की कहानी
हो गई बहुत पुरानी
नई सोच और मन बहलाने वाली

जादूगर और भूतों से
लगता डर अब हमको नहीं
हमको पता है अब
यह रहते इस दुनियाँ में कहीं नहीं ।

चाँद और तारों की कहानी
चाँद पर जा कर मनुष्यों ने
मिथ्या कर डाली
न चंदा हमारा मामा
न रहती वहाँ चरखा कातने
वाली बूढ़ी नानी ।

नानी सुनाओ न कोई नई कहानी
जिसमें हो प्यारे और नटखट बच्चे
शरारतें कितनी भी करें पर मन के सच्चे
विज्ञान से लेकर ज्ञान
ऊँची उड़ान भरने वाली
नानी सुनाओ नई कहानी

*****

भूत

कल रात सफ़ेद चादर में लिपटा
एक भूत मेरे बिस्तर के पास आया
बड़े बड़े आँखों के गड्डे
देख मेरा मन बहुत घबराया।

कुछ और वो मेरे पास आया
अपनी डरावनी आवाज़ से मुझे डराया
लाल लाल बड़े नाखूनों वाले
हाथों को मेरे मुँह के पास लाया
डर से थमी मेरी साँसों को देख
उसे बहुत मज़ा आया।

अचानक हँसी ज़ोर से उसकी निकली
इतने में उसके सर से चादर भी फिसली
चेहरा जब उसका मेरे सामने आया
यह तो मेरा छोटा भाई जो मुझे डराने आया।

*****
@ डॉ ऋतु शर्मा ननंन पाँडे, नीदरलैंड

One thought on “ऋतु शर्मा ननंन पाँडे की बाल कविताएँ – (बाल कविता)”

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