अतीत के पन्नों से (डायरी)
अतीत के पन्नों से (डायरी) मेरी यादों का फलक वो कहते हैं न, ‘स्काई इज द लिमिट’ कुछ ऐसे ही मेरे जीवन की पगडंडियों के निशान हैं जो अब धरती…
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अतीत के पन्नों से (डायरी) मेरी यादों का फलक वो कहते हैं न, ‘स्काई इज द लिमिट’ कुछ ऐसे ही मेरे जीवन की पगडंडियों के निशान हैं जो अब धरती…
यादों की यादगार की कुछ यादें विजय विक्रान्त भारत छोड़े हुए एक लम्बा अरसा हो गया है। कैसे ज़िन्दगी का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहाँ कैनेडा में गुज़ार दिया, इसका…
मेरा नाम कोरोना है। मेरे इस नाम को सुनकर कुछ लोग तो यही सोचकर ख़ुशी के मारे चहकने लगे होंगे कि अब उन्हें इसी कोरोना नाम की दुनिया की मशहूर…
यूँ तो मेरा टैक्सी चलाने का समय दुपहर १२ बजे से शुरू होकर सुबह के चार बजे तक होता है, लेकिन उस दिन शहर में एकाएक बसों की हड़ताल होने…