दिन विशेष कविता में डॉ. जमुना कृष्णराज की कविता “मेरी मातृभूमि”
दिन विशेष कविता में डॉ. जमुना कृष्णराज की कविता “मेरी मातृभूमि” मेरी मातृभूमि! इस भूमि की उपज बनी मैं,इसकी गोद में पली-बढ़ी।इसके बाग-बगीचे में मैं खेल-कूद कर हुई बड़ी॥ इसके…
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दिन विशेष कविता में डॉ. जमुना कृष्णराज की कविता “मेरी मातृभूमि” मेरी मातृभूमि! इस भूमि की उपज बनी मैं,इसकी गोद में पली-बढ़ी।इसके बाग-बगीचे में मैं खेल-कूद कर हुई बड़ी॥ इसके…
दिन विशेष अनुवाद में मु. मेत्ता की तमिल कविता का डॉ. जमुना कृष्णराज द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. जमुना कृष्णराज शिक्षाएम. ए. (हिन्दी एवं अंग्रेजी), पीएच.डी. (हिन्दी), अनुवाद में डिप्लोमा। कृतियाँशब्द…