Category: रास बिहारी गौड़

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर”

दिन विशेष विमर्श में ‘रास बिहारी गौड़’ की कविता “अपना घर” बिटियाकभी गुस्से मेंकभी लाड़ मेंकभी जज़्बात मेंकह देती हैचली जाऊँगीएक रोज ‘अपने घर’ पूरे घर के कानों मेंथोड़ा डर,…

Translate This Website »