“खोया-खोया चिंतन” : डॉ. सरोजिनी प्रीतम
“खोया-खोया चिंतन” : डॉ. सरोजिनी प्रीतम खोया-खोया चिन्तनसगुणी बोली, ‘‘यों खोये-खोये से क्यों लग रहे हो जी?’’रूपकचन्द तेजी से बोले, ‘‘हां हां मैं तो खोया-खोया ही हूँ। मिलाओ चीनी ……
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“खोया-खोया चिंतन” : डॉ. सरोजिनी प्रीतम खोया-खोया चिन्तनसगुणी बोली, ‘‘यों खोये-खोये से क्यों लग रहे हो जी?’’रूपकचन्द तेजी से बोले, ‘‘हां हां मैं तो खोया-खोया ही हूँ। मिलाओ चीनी ……