Category: मधु भार्गव

बसंत तेरे स्वागत में – (कविता)

बसंत तेरे स्वागत में बसंत तेरे स्वागत मेंठूँठ पड़े हिस्सेपाते संजीवनसिरहन, थिरकन, नवरूपनशब्द-रंग में नितरमन का सूनापनपहुँचातामेरी टीस तुम तककोमल कोंपल छलककार्डिनल कूजत अथक ***** – मधु भार्गव

मेरी स्ट्रीट – (कविता)

मेरी स्ट्रीट है बहुत सुन्दर, मेरी स्ट्रीटदस हज़ार साल से पुरानी कॅरिंग प्लेस ट्रेलइसी पर थे फ़र्स्ट नेशन लोग सदा-सदा चलेहम्बरतटे, ऊँचे-ऊँचे संतरी ओक हैं खड़ेमेपल, बर्च, बीच, गिंगको मनोहर…

क्षणिकाएँ – (कविता)

क्षणिकाएँ 1. ढलते सूरज का गुलाबी दुपट्टासफ़ेद बर्च से लिपटा लिपटासजीला ओक उन्हें देख मुसकाएगुलाबी गुलाबी ख़ुद भी हो जाए 2. जैसे रूई के बादल सेयत्र तत्र छि तरे-छितरेस्नो फ़्लेक…

मधु भार्गव – (परिचय)

मधु भार्गव जन्म स्थान: नई दिल्ली वर्तमान निवास: टोरोंटो, कनाडा शिक्षा: दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक तथा निष्णात डिग्री तक अंग्रेज़ी साहित्य का अध्ययन। नेशनल संग्रहालय, नई दिल्ली से भारतीय संस्कृति…

Translate This Website »