दिन विशेष लघुकथा में बलराम अग्रवाल की लघुकथाएँ
दिन विशेष लघुकथा में बलराम अग्रवाल की लघुकथाएँ १. “एक असन्तुष्ट से बातचीत” जैसे ही कार उसके नजदीक से गुजरती, भौंकते हुए वह आदतन-सा उसके साथ दौड़ पड़ता। आखिरकार, एक…
हिंदी का वैश्विक मंच
दिन विशेष लघुकथा में बलराम अग्रवाल की लघुकथाएँ १. “एक असन्तुष्ट से बातचीत” जैसे ही कार उसके नजदीक से गुजरती, भौंकते हुए वह आदतन-सा उसके साथ दौड़ पड़ता। आखिरकार, एक…
दिन विशेष कहानी : “गहरे तालाब की विरासत” – अलका सिन्हा कविता की अंतिम पंक्ति तक आते-आते सारा रूपक स्पष्ट हो गया – “तेरा अपराधी हूँ मेरी कविता, जो लिखा…