दिन विशेष कहानी : “जी पिता जी” – डॉ. सत्येंद्र सिंह
दिन विशेष कहानी : “जी पिता जी” – डॉ. सत्येंद्र सिंह बाबू श्याम लाल को अपनी बहू का बाँई ओर का ओठ काटकर आँख नचाना भूलते नहीं भूलता। जब भी…
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दिन विशेष कहानी : “जी पिता जी” – डॉ. सत्येंद्र सिंह बाबू श्याम लाल को अपनी बहू का बाँई ओर का ओठ काटकर आँख नचाना भूलते नहीं भूलता। जब भी…
दिन विशेष कहानी : जाको राखे साईंया.. – डॉ. पद्मावती • लेखिका : डॉ. पद्मावती,• पदनाम: सहायक आचार्य, हिंदी विभागमहाविद्यालय का नाम: एस. आर. एम. इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजीस्थान:…
दिन विशेष कहानी : “गहरे तालाब की विरासत” – अलका सिन्हा कविता की अंतिम पंक्ति तक आते-आते सारा रूपक स्पष्ट हो गया – “तेरा अपराधी हूँ मेरी कविता, जो लिखा…
दिन विशेष कहानी : नचनिया – डॉ. रेनू यादव डॉ. रेनू यादव की यह कहानी लोमहर्षक है. इस कहानी में एक नचनिया (नृत्यांगना) के इर्द-गिर्द कथानक के ताने-बाने को बुना…
दिन विशेष कहानी : “ध्रुव तारा कभी अस्त नहीं होता” – राजेश्वर वशिष्ठ ध्रुवतारा कभी अस्त नहीं होता…. वरिष्ठ कवि कथाकार राजेश्वर वशिष्ठ की लिखी ऐसी कहानी है जो घोर…
दिन विशेष कहानी : “अपना घर” – डॉ. वंदना शर्मा vandna.reporter@gmail.com रामप्रसाद अभी-अभी लौटे थे अपनी धर्मपत्नी दुलारी को डॉक्टर से दवाई दिलवाकर। उनकी धर्मपत्नी को कई दिन से धुंधला…
दिन विशेष में महेंद्र सिंह की कहानी “एक्वेरियम” यह मैं हूं। यह मेरी तस्वीर है। इसमें मेरे बाल खूब बढ़े हुए हैं-धोनी प्रभाव के चलते नहीं, बल्कि अल्प-बेकारी से उपजे…
विशेष विमर्श में पुष्पा सिन्हा की कहानी “शिलाखंड बोल उठा” कहानी शिलाखंड बोल उठा, एक सामान्य मूर्तिकार की लगन और भगवान के प्रति उसके मन की उथल पुथल को सटीक…
पारस पत्थर वाला व्यवहार (बाल-कहानी) रामपुर नाम के एक खुशहाल गाँव में ‘चंदन’ नाम का एक बच्चा रहता था। चंदन पढ़ने-लिखने में बहुत होशियार था, लेकिन उसमें एक कमी थी,…
जिला अधिकारी ने मेकअप क्यों नहीं किया? डॉ महादेव एस कोलूर मलप्पुरम (केरल) की जिला अधिकारी सुश्री रानी सोयामोय कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ बातचीत कर रही थीं। केरल राज्य…
अबूझ – सरस दरबारी, कनाडा “दीदी आपको शादी में आना ही होगा।” “पर स्वाति मैं किसी को नहीं जानती।” “मुझे तो जानती हैं न। यह भी जानती हैं कि मेरे…
बात छोटी सी नोरिन शर्मा आज शीतल और वरुण की पच्चीसवीं शादी की सालगिरह है। वरुण ने न तो कभी जन्मदिन मनाया और न ही कभी शादी की सालगिरह…! अंग्रेज़ों…
कोरोना-चिल्ला* दिव्या माथुर तीन हफ्ते हो चुके हैं जॉन को घर छोड़े हुए; वह एक कैरावैन में किराए पर रह रहा है, वहीं से वह दफ़्तर का काम भी संभाल…
बेक्ड-बीन्स दिव्या माथुर सुपरमार्केट के यूँ ही चक्कर लगते हुए बुढ़िया ने ग्राहकों और लोगों की नज़र से बचते हुए दो छोटे टमाटर और कुछ लाल अँगूर मुँह में रख…
अनुवादक: ऋपसिमे नेरसिस्यान Տենալի Ռամակրիշնան, ով առավել հայտնի է Տենալի Ռամա անունով, 16-րդ դարի հնդիկ հայտնի գրող-երգիծաբան է: Նա եղել է հնդկական պալատական ութ պատվավոր բանաստեղծներից մեկը: Նրա ստեղծագործությունները լայնորեն…
सफेद बत्तखें हंसा दीप मेरी पत्नी बहुत कम बोलती है। मैं उसकी चुप्पी का आदी हूँ। उसकी आँखों की पुतलियाँ मुझे उसकी हर बात समझा देती हैं। जब दोनों आँखें…
टूक-टूक कलेजा हंसा दीप सामान का आखिरी कनस्तर ट्रक में जा चुका था। बच्चों को अपने सामान से भरे ट्रक के साथ निकलने की जल्दी थी। वे अपनी गाड़ी में…
अमर्त्य हंसा दीप बीज और दरख़्त के फासलों को रौंदने में कामयाब नोआ की निगाहें अपनी सोच में वह सब देख लेतीं जो वह देखना चाहती थी। एक-एक शब्द को…
वापसी सुनीता पाण्डेय -“पिताजी यह मांस नही खाऊँगा मैं।” -“क्यों बेटा?” -“अच्छा नहीं लगता, मन ऊब गया इसे खाते-खाते।” -“बेटा यहाँ तो यही है, इस समय पेड़ों पर भी कुछ…
याद जयशंकर इस क्रिसमस को मैं पैंसठ बरस का हो गया। चौंसठ का हो रहा था और ब्लड प्रेशर रहने लगा। रोज सुबह एक टेबलेट लेने की शुरुआत हो गयी।…