“धूप छांव”- डॉ. नीना छिब्बर
सुख के संग दुख
मुस्कान के साथ ऑंसू
आशा के संग निराशा
गीत की धुन में खामोशी
मंजिल की राह में रूकावटें
विजय के संग पराजय
विश्वास के साथ घात
प्रकाश के साथ अंधेरा
उत्साह के संग अवसाद
जीवन धूप छांव का खेला।
