साजिदा नसरीन – (कहानी)                      

“हैलो, साजिदा…, हैलो, माफ़ कीजिएगा, आय एम साजिदाज़ टीचर…हाउ इज़ शी कीपिंग?” अगले छोर से कुछ अजीब सी फुसफुसाहट सी आई। फ़ोन पर किसी का नाम पुकारा गया, कुछ देर…

सरोज रानियाँ – (कहानी)

क्लास में घुस ही रही थी कि मिसेज़ चैडवेल की आवाज़ से मेरे चाबी ढूँढते हाथ अनजाने ही सहम गए। “दैट्स हाऊ वी टीच! इफ़ यू डोंट लाईक, यू मे…

मशीन – (कहानी)

शाम के सात बज चुके हैं। तुम्हें घर आए लगभग तीन घंटे से भी अधिक समय हो चुका है। हमारे बीच कोई विशेष संवाद नहीं हुआ है। वैसे जो संवाद…

वंदना मुकेश

वंदना मुकेश 1. जन्म- 12 सितंबर 1969 (पंजीकृत) भोपाल मध्यप्रदेश 2. प्रवास- 2002 से इंगलैंड में निवास। 3. पद- 4. शिक्षा- 5. लेखन एवं प्रकाशन- 6. सहलेखन- मॉम, डैड और…

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