अदब का महान सितारा डूबा : बशीर बद्र को श्रद्धांजलि
एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…
हिंदी का वैश्विक मंच
एक जाते हुए शायर के साथ तमाम रूहानी दुनियाबी दास्तान ख़त्म हो जाती है | बशीर वद्र गये उनके जाने का ग़म उनकी शायरियों में रूलाई बन कर फूट रही…
साहित्य जगत से : बशीर बद्र को देशभर से श्रद्धांजलि रेखा राजवंशी (सिडनी, ऑस्ट्रेलिया) उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िन्दगी की शाम हो…
“यादों की ढलती शाम और बद्र का उजाला”- डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ “उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो, न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो…
अदब के आफताब का अस्त: डॉ. बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि उर्दू अदब के इतिहास में , शायरी की दुनिया को अपनी सादगी से रोशन करने वाले अज़ीम शायर, पद्मश्री…
“बशीर बद्र : दिल से अल्लाह के घर तक” – (श्रद्धांजलि) बुत भी रक्खे हैं नमाज़ें भी अदा होती हैंदिल मिरा दिल नहीं अल्लाह का घर लगता है•बशीर बद्र चले…
“उजाले अपनी यादों के…” : बशीर बद्र को भावभीनी श्रद्धांजलि बशीर बद्र- उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दोन जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाएजिंदगी की…
जयशंकर प्रसाद जयशंकर प्रसाद हिंदी साहित्य के एक महान कवि, नाटककार और कहानीकार थे, जिन्हें भारतीय साहित्य में छायावाद के प्रमुख स्तंभ के रूप में जाना जाता है। उनकी कृतियां…
संजीव कुमार के जीवन का आखिरी दिन 06 नवंबर 1985 को संजीव कुमार की मृत्यु हुई थी। “उन्होंने मुझसे ‘राही’ की डबिंग कंप्लीट करने को कहा। मैं तैयार नहीं था।…
पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…
(जन्म: 18 नवम्बर 1972, तुरा, मेघालय – निधन: 19 सितम्बर 2025, सिंगापुर) असम के सबसे प्रभावशाली और बहुमुखी कलाकारों में से एक थे। उनका असली नाम जिबन बोरठाकुर था। उनका…