Category: आलेख

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल

‘भाषा की पाठशाला’ में आज के शब्द – ग्रंथ, पुस्तक और किताब : कमलेश कमल कमलेश कमल हिंदी के चर्चित वैयाकरण, भाषाविज्ञानी एवं लेखक हैं। वे भारतीय शिक्षा बोर्ड के…

दिन विशेष (कथेतर) में विरहिणी मन और पुरुष – अभिव्यक्ति : संध्या सिलावट

दिन विशेष (कथेतर) में विरहिणी मन और पुरुष – अभिव्यक्ति : संध्या सिलावट संध्या सिलावट ने इस आलेख में नारी और पुरुष के बीच प्रेम-बीज के अंकुरित होकर इसके विराट…

डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव

डॉ. ममता खेड़े की पुस्तक “लोकावतरण“ के लोकार्पण पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए : मनोज श्रीवास्तव डॉ. ममता खेड़े की यह पुस्तक “लोकावतरण” १० वैदिक सूक्तों का…

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर ‘वैश्विक हिंदी परिवार’ के साप्ताहिक मंच पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में भगवान श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व…

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक

डॉ. के. जयलक्ष्मी के आलेख में ‘रामचरितमानस’ : विश्व मानवता का पथप्रदर्शक भारतीय संस्कृति सदैव से विश्व कल्याण, मानवता और समरसता की वाहक रही है। वसुधैव कुटुम्बकम् और सर्वे भवन्तु…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

श्रवणबेलगोला : इतिहास, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत – डॉ.एस.ए.मंजुनाथ श्रवणबेलगोला भारत के प्रमुख जैन तीर्थों में से एक है। यह कर्नाटक के हासन जिले में स्थित विश्वविख्यात धार्मिक, ऐतिहासिक एवं…

श्रीलाल शुक्ल की व्यंग्य दृष्टि: संदर्भ ‘अंगद का पांव’ – (आलेख)

श्रीलाल शुक्ल की व्यंग्य दृष्टि: संदर्भ ‘अंगद का पांव’ डॉ ज्ञान प्रकाश विजिटिंग प्रोफेसर, हंगुक यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज, सियोल, दक्षिण कोरिया श्रीलाल शुक्ल स्वातंत्र्योत्तर भारतीय यथार्थ के सतर्क और…

थाईलैंड – माई नाम – (ब्लॉग)

थाईलैंड – माई नाम शिखा रस्तोगी, बैंकॉक,थाईलैंड नदियों के महत्व को मनुष्य अच्छी तरह से जानता है। थाई भाषा में, माई नाम नदी के लिए एक सामान्य शब्द है, जिसमें…

भारतीय विज्ञापन जगत के सरताज : पीयूष पांडे – (श्रद्धांजलि)

पीयूष पांडे डॉ. रेखा सेठी (2012 में मेरी एक पुस्तक आई थी, ‘विज्ञापन डॉट कॉम’। इसका एक अंश विज्ञापन जगत की प्रमुख हस्तियों, प्रमुख विज्ञापन एजेंसियों और विशिष्ट विज्ञापनों पर…

हिंदी और डच : विकसित होता आपसी संवाद – (ब्लॉग)

हिंदी और डच : विकसित होता आपसी संवाद रामा तक्षक, नीदरलैंड्स वर्ष 2019, नीदरलैंड्स में भारतीय राजदूत श्री वेणु राजामणि द्वारा एक पुस्तक लिखी गई थी। यह पुस्तक अंग्रेजी भाषा…

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर – (आलेख)

उत्तर भारत में मराठी पत्रकारिता के जनक : र. वि. शिरढोणकर अलकनन्दा साने जिस कालखंड में बाल गंगाधर तिलक, विष्णु शास्त्री चिपळूनकर जैसे दिग्गज पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत थे,…

हिन्दी आलोचना के आधार स्तंभ : आचार्य रामचंद्र शुक्ल – (आलेख)

आचार्य रामचंद्र शुक्ल अमरनाथ बस्ती (उ.प्र.) जिले के ‘अगोना’ नामक गांव में जन्म लेने वाले, मात्र हाई स्कूल तक की औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने वाले और काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में…

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर – (आलेख)

राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर डॉ अरुणा अजितसरिया एम बी ई, लंदन 23 सितम्बर सन 1908 को पराधीन भारत के एक साधारण कृषक परिवार में जन्मे रामधारी सिंह दिनकर ने गाँव…

शिक्षक, भाषा और भविष्य – (आलेख)

शिक्षक, भाषा और भविष्य डॉ. रवि शर्मा मधुप, एसोसिएट प्रोफेसर एवं अध्यक्ष, हिंदी विभाग, श्री राम कॉलेज ऑपफ कॉमर्स, दिल्ली विश्वविद्यालय भाषा मनुष्य के भावों और विचारों की सहज अभिव्यक्ति…

“हॉब्सन-जॉब्सन, आधुनिक ऑक्सफोर्ड अंग्रेज़ी कोश और  हिंदी” – (आलेख)

हॉब्सन-जॉब्सन और आधुनिक ऑक्सफोर्ड अंग्रेज़ी कोश: हिंदी के बहाने अंतरराष्ट्रीय अंग्रेज़ी का विस्तार ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र 📜 भूमिका भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और…

हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास – (आलेख)

हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास एक लंबी प्रक्रिया है जो सदियों से चली आ रही है।…

उत्तरी भारत के नगरों में भाषा समस्या पर कुछ टिप्पणियाँ – (आलेख)

उत्तरी भारत के नगरों में भाषा समस्या पर कुछ टिप्पणियाँ तोमिओ मिज़ोकामि, प्रोफ़ेसर एमेरिट्स ओसाका यूनिवर्सिटी ऑफ फॉरेन स्टडीज़

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