दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’
दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे के सबसे पुराने कोतवाली थाने के मुंशी कक्ष की लकड़ी वाली टूटी मेज पर भारी लोहे और…
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दिन विशेष व्यंग्य : “काला टेलीफोन” – डॉ. सुरेश कुमार मिश्रा ‘उरतृप्त’ कस्बे के सबसे पुराने कोतवाली थाने के मुंशी कक्ष की लकड़ी वाली टूटी मेज पर भारी लोहे और…
दिन विशेष अनुवाद में “आहुति” की नेपाली कविता का “डॉ.तुलसी छेत्री” द्वारा हिन्दी अनुवाद डॉ. तुलसी छेत्रीएम ए,एमफिल,पीएचडीगुवाहाटी असम। हिंदी कविताओं का एकल संग्रह ‘रजस्वला शहर'(2023) एवं अनुभूति,अनुकृति,इनसे हैं हम…
साक्षात्कार : “जिसे उस्ताद ने अपना पूरा ‘तबला’ दे दिया” – स्वरांगी साने तबले में अपनी मधुरता के लिए पूरब घराना जाना जाता है, उस मधुर घराने के मीठे उस्ताद…