नृत्य में सौंदर्य बोध : जीवन का आधार
नृत्य में सौंदर्य बोध : जीवन का आधार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कलादर्शन विभाग द्वारा ‘भारतीय कला, सौंदर्य शास्त्र एवं सांस्कृतिक धरोहर’ व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत 22 अक्टूबर…
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नृत्य में सौंदर्य बोध : जीवन का आधार इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के कलादर्शन विभाग द्वारा ‘भारतीय कला, सौंदर्य शास्त्र एवं सांस्कृतिक धरोहर’ व्याख्यान शृंखला के अंतर्गत 22 अक्टूबर…
दिन विशेष : महाकवि सुब्रमण्यम भारती की तमिल कविता का जमुना कृष्णराज द्वारा हिंदी अनुवाद क्या तुमने माना – जमुना कृष्णराज क्या तुमने माना किदूर-दूर भटक, पेट पालबेकार की बातें…
दिन विशेष व्यंग्य : “योर सिक्स,माई नाईन” – दिलीप कुमार तब के अभिनेता और अब के साबुन – मंजन के सबसे बड़े विक्रय प्रतिनिधि अमिताभ बच्चन की बहुत साल पहले…