गुरू पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं अनंत शुभकामनाएं अभिनंदन : संगीता चौबे पंखुड़ी
तुम हो गुरु हमारे, धरती गगन सितारे ।
श्रद्धा सुमन चढ़ा कर, तुमको नमन हमारे ।।
तुम ज्ञान के प्रदाता, सन्मार्ग तुम दिखाते
दीपक जला सदा ही, अँधियार तुम मिटाते।
निर्मल हृदय बने जो, आए शरण तुम्हारे ।
श्रद्धा सुमन चढ़ा कर, तुमको नमन हमारे ।।
तुम सत्य के प्रणेता, तुम धैर्य के पुजारी,
जी कर कुम्हार जीवन, मूरत गढ़ी हमारी ।
कैसे कहो उतारें, उपकार सौ तुम्हारे ।
श्रद्धा सुमन चढ़ा कर, तुमको नमन हमारे ।।
अक्षर सभी सिखाया, हर शब्द से मिलाया
नेकी सिखा सिखा कर, इंसा हमें बनाया ।
अब हम कहें तुम्हें क्या, भगवन तुम्हीं हमारे ।
श्रद्धा सुमन चढ़ा कर, तुमको नमन हमारे ।।
