बिना शर्तों का रिश्ता – दोस्ती
बड़ी अनमोल होती है दोस्ती,
दिलों से दिलों का जुड़ाव होती है दोस्ती,
हर मुश्किल में साथ निभाने का एहसास है दोस्ती,
हर अच्छे बुरे वक्त में “मैं हूं ना” की आवाज है दोस्ती।
सच्चे दोस्त हर खुशी और ग़म में साथ देते हैं,
जब दिल दुखता है, तो दोस्त संभाल लेते हैं,
आंसुओं को तो गिरने देते हैं वो,
पर हौसलों को थाम लेते हैं।
हर बीतते लम्हें को वे खास बना देते है,
बातों से अपनी वे मन का बोझ उतार देते हैं,
हर दर्द में मरहम बनकर आते हैं दोस्त,
हर खुशी में हमारी मुस्कान बन जाते हैं दोस्त।
वो दोस्ती ही है, जो बिना शर्तों का रिश्ता होती है,
हर परिस्थिति में बस साथ निभाने का किस्सा होती है।
जब दोस्त पास होते हैं ना, तो दिल खिल उठता है,
रेगिस्तान में बारिश की बूंदों, जैसा सुकून मिलता है।
जीवन की इस यात्रा में, दोस्तों का साथ सबसे सच्चा है,
इसीलिए तो कहते हैं, दोस्ती से बड़ा नहीं कोई रिश्ता है।
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-प्रतिमा सिंह
