धीरे-धीरे हम दलदल में – (कविता)
धीरे-धीरे हम दलदल में धीरे-धीरे हम दलदल मेंधँसते चले गए।अपने ख़ुद के बुने जाल मेंफँसते चले गए। हैरी-पॉटर तो गहरीतन्मयता से पढ़तेगीता-रामायण पढ़ने सेदूर-दूर रहतेसंस्कार हम सभी ताक पररखते चले…
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धीरे-धीरे हम दलदल में धीरे-धीरे हम दलदल मेंधँसते चले गए।अपने ख़ुद के बुने जाल मेंफँसते चले गए। हैरी-पॉटर तो गहरीतन्मयता से पढ़तेगीता-रामायण पढ़ने सेदूर-दूर रहतेसंस्कार हम सभी ताक पररखते चले…
धनवान -आलोक मिश्रा आलोक जी का जन्म १ दिसंबर १९६५ को कानपुर में हुआ। आलोक जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली जिले के एक छोटे से गाँव रंजीतपुर लोनारी में…
गीत आशाओं भरे गाया करो २१२२ २१२२ २१२गीत आशाओं भरे गाया करोमुश्किलों से खौफ़ ना खाया करो । दर्द समझेगा तुम्हारा ना कोईज़ख़्म सबको ही न दिखलाया करो । चाहते…
आलोक मिश्रा आलोक जी का जन्म १ दिसंबर १९६५ को कानपुर में हुआ। आलोक जी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रायबरेली जिले के एक छोटे से गाँव रंजीतपुर लोनारी में प्राप्त…