हे राम मेरे तब तुम आना
जब एकाकी मन घबराए,सूनेपन से जी भर जाये |ले समय कभी उलटे फेरे,हो अंधकार चहुंदिक मेरे|पर चाहूँ “दीप शिखा” पाना,हे! राम मेरे, तब तुम आना || १ || जब थक…
हिंदी का वैश्विक मंच
जब एकाकी मन घबराए,सूनेपन से जी भर जाये |ले समय कभी उलटे फेरे,हो अंधकार चहुंदिक मेरे|पर चाहूँ “दीप शिखा” पाना,हे! राम मेरे, तब तुम आना || १ || जब थक…
अर्चना पैन्यूली जन्म : 17 मई 1963, कानपुर, उत्तर प्रदेश अर्चना पैन्यूली मूलतः भारत के उत्तराखंड राज्य से हैं। 1997 से डेनमार्क की राजधानी कोपनहेगन में रह रही हैं, जहाँ…
मॉरीशस में हिंदी के स्वरूप को यदि हम जानना चाहते हैं तो इतिहास में झाँके बगैर हम इस दिशा में आगे नहीं बढ़ सकते । जब हम ऐतिहासिक तथ्यों को…
अपने ही घर में माया चूहे सी चुपचाप घुसी और सीधे अपने शयनकक्ष में जाकर बिस्तर पर बैठ गई; स्तब्ध। जीवन में आज पहली बार मानो सोच के घोड़ों की…