ईशावास्य उपनिषद – (मृदुल कीर्ति)
ईशावास्य उपनिषद संस्कृत से हिंदी में पद्यानुवाद : मृदुल कीर्ति ॐ समर्पण परब्रह्म को उस आदि शक्ति को, जिसका संबल अविराम, मेरी शिराओ में प्रवाहित है। उसे अपनी अकिंचनता, अनन्यता…
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ईशावास्य उपनिषद संस्कृत से हिंदी में पद्यानुवाद : मृदुल कीर्ति ॐ समर्पण परब्रह्म को उस आदि शक्ति को, जिसका संबल अविराम, मेरी शिराओ में प्रवाहित है। उसे अपनी अकिंचनता, अनन्यता…
सोहन लाल द्विवेदी“कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” अनुवाद – हिरायुकी सातो “कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती” ハソーハン・ラール・ドヴィヴェーディー 「努力する者に決して敗北あることなし」 लहरों से डर कर नौका पार…
लेस्या उक्राईंका ( 25 फरवरी 1871 – 1 अगस्त 1913) यूक्रेनी साहित्य की अग्रणी लेखिकाओं में से एक थीं, जो अपनी कविताओं और नाटकों के लिए जानी जाती थीं। वह…
उक्राइनी से अनुवाद – यूरी बोत्वींकिन
उमाशंकर जोशी गुजराती के ऐसे वरिष्ठ साहित्यकार हैं जिन्होंने सर्जन, चिंतन, विवेचन और अनुवाद के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रदान किया है। उत्तर गुजरात के छोटे से गांव वामणा ( ईडर)…
राजेंद्र शाह आधुनिक गुजराती कविता में नवीन प्रवाह के अन्वेषक कवि माने जाते हैं। उनसे दो वर्ष की आयु में पिता की छत्रछाया छिन गई, लेकिन माता की ममता और…
गुजराती से अनुवादित अनुवादक : आलोक गुप्त —————————————————————– (1) वह पेड़ कहाँ गया बहुत वर्षों बाद गया था पाठशाला में नई खपरैल, छोटा- सा नया बाग है वहाँ दो रंगीन…
गुजराती से अनुवादित अनुवादक : आलोक गुप्त —————————————————– (1)नहीं रोकूँगी नहीं रोकूँगी वेदना का वरदान देकर भले चला जाए पिया! साज सजी खड़ी ऊँटनी को अपनी दुखी वाणी से नहीं…
मूल लेखक – व्लादिमीर व्लादिमीरोविच नाबोकोव (मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद – प्रगति टिपणीस) इतने सालों में चौथी बार वे फिर इस बात पर सिर खपा रहे थे कि उस नौजवान…
व्लादिमीर व्लादिमीरोविच नाबोकोव (रूसी: Владимир Владимирович Набоков ; अप्रैल 1899 – 2 जुलाई 1977), जिसे व्लादिमीर सिरिन (Владимир Сирин) के उपनाम से भी जाना जाता है। रूसी-अमेरिकी उपन्यासकार, कवि, अनुवादक…
(मूल भाषा रूसी से अनुवाद – प्रगति टिपणीस) अख़रोट- लियोनिद निकोलायेविच आंद्रेयेव एक समय की बात है। हरे-भरे एक जंगल में एक बहुत सुंदर गिलहरी रहती थी जिसे हर कोई…
लियोनिद निकोलायेविच आंद्रेयेव (रूसी: Леони́д Никола́евич Андре́ев, 21 अगस्त 1871 – 12 सितंबर 1919) एक रूसी नाटककार, उपन्यासकार और लघु-कथा लेखक थे, जिन्हें रूसी साहित्य में अभिव्यक्तिवाद का जनक माना…
(कहानीकार – वस्येवलद गार्शिन) (रूसी भाषा से हिंदी में अनुवाद – प्रगति टिपणीस) I. – महाराजाधिराज पीटर प्रथम के आदेश पर मैं इस पागलख़ाने के मुआयने का ऐलान करता हूँ!…
वस्येवलद गार्शिन (1855-1888) रूसी साहित्यकार। वस्येवलद गार्शिन रूसी साहित्य में थोड़ा लिखकर भी अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। “गार्शिन से अधिक प्रतिभाशाली, अधिक विख्यात और अधिक महत्त्वपूर्ण लेखक भी…
लेखक – प्रो. च्यांग चिंग खुई, पेइचिंग विश्वविद्यालय, चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ) क्वान्ग्तोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन जब भी मेरा पत्रकारों से साक्षात्कार…
(लेखक परिचय : प्रो. यु लोंग यू शनचन विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष ,शनचन मानविकी एवं सामाजिक विज्ञान अध्ययन केंद्र के निर्देशक , शनचन विश्वविद्यालय के मानविकी संकाय के…
मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…
लेखक परिचय – लू शुन ( 25 सितम्बर 1881 – 19 अक्तूबर 1936 ) चीन के प्रसिद्ध लेखक हैं I इन्हें आधुनिक चीनी साहित्य के पितामह के नाम से जाना…
चीनी से हिंदी अनुवाद – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन पुराने कैलेण्डर के अनुसार साल का अंत बहुत ही सुखद लग रहा…
मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…