“कपास मार्ग ” का शोध – अध्ययन -< ह्वांग ताओ फ़ो> उपन्यास से प्रारंभ
मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…
हिंदी का वैश्विक मंच
मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…
लेखक परिचय – लू शुन ( 25 सितम्बर 1881 – 19 अक्तूबर 1936 ) चीन के प्रसिद्ध लेखक हैं I इन्हें आधुनिक चीनी साहित्य के पितामह के नाम से जाना…
चीनी से हिंदी अनुवाद – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी, एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग विदेशी भाषा विश्वविद्यालय, चीन पुराने कैलेण्डर के अनुसार साल का अंत बहुत ही सुखद लग रहा…
मूल लेखक – प्रो. यु लोंग यू , निर्देशक , भारत अध्ययन केंद्र , शनचन विश्ववविद्यालय , चीन अनुवादक – डॉ. विवेक मणि त्रिपाठी , एसोसिएट प्रोफ़ेसर (हिंदी ), क्वान्ग्तोंग…
(मूल मैथिली कविता श्री मंत्रेश्वर झा, भारत) हिन्दी अनुवाद – आराधना झा श्रीवास्तव, सिंगापुर कैसे पाटी जाएगी ये खाई? ये पीढ़ियों का अन्तर जो निरन्तर होती जा रही है गहरी…
भारतीय प्रशासनिक सेवा से अवकाश प्राप्त अधिकारी श्री मंत्रेश्वर झा को वर्ष 2008 में मैथिली भाषा में लिखित अपनी संस्मरणात्मक कृति ‘कतेक डारि पर’ के लिए साहित्य अकादमी पुरस्कार से…
(मैथिली कविता एवं उसका हिन्दी अनुवाद – आराधना झा श्रीवास्तव) ज्यों जहाज का पंछी अपने पंखों से माप देता है सागर पर संध्याकाल में लौट आता है पुन: उसी जहाज…