Author: वैश्विक हिंदी परिवार

नरेश शांडिल्य –  परिचय

नरेश शांडिल्य मूल नाम : नरेश शर्मा शिक्षा : बी. कॉम ; एम.ए. (हिंदी) कवि, दोहाकार, शायर, नुक्कड़ नाट्य कर्मी, समीक्षक और संपादक। विभिन्न विधाओं में 8 मौलिक दोहा/कविता/ग़ज़ल/गीत संग्रह…

अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन, १०-१२ जनवरी २०२५ – (एक समेकित रिपोर्ट)

वैश्विक हिंदी परिवार – भारतीय भाषाओं की वैश्विक उड़ान वैश्विक हिंदी परिवार वैश्विक स्तर पर हिंदी की सबसे व्यापक और प्रभावशाली संस्था है। इसमें 70 से अधिक देशों के विद्वान,…

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का भारतीय नाट्य शास्त्र को विश्व में ले जाने का अभियान – (प्रेस विज्ञप्ति)

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय का भारतीय नाट्य शास्त्र को विश्व में ले जाने का अभियान राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय प्रत्येक वर्ष अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव ‘भारत रंग महोत्सव’का आयोजन करता है। विद्यालय इस अवसर…

भारत सहित विश्व के पचास से अधिक देशों में आयोजित होगा ‘विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलम्पियाड –2025’ – (सूचना)

भारत सहित विश्व के पचास से अधिक देशों में आयोजित होगा ‘विश्व रंग अंतरराष्ट्रीय हिन्दी ओलम्पियाड –2025’ अमेरिका, नीदरलैंड्स, नाटिंघम (यू.के.), म्यांमार, थाईलैण्ड, आयरलैंड, बुल्गारिया, बर्मिंघम (यू.के.), सिंगापुर, उजबेकिस्तान, यूक्रेन,…

कटघरा – (कविता)

कटघरा रात का अँधेरासन्नाटा, औरमेरे वो एकाकी पलचिन देते हैं मुझेमन के कटघरे मेंहर रोज़पूछती हूँकितने सवालखुद सेदेती हूँ हर जवाबखुद हीहोती हूँकभी आरोपी, कभी दोषीखुद ही पक्ष, खुद ही…

भली थी – (कविता)

भली थी इक लड़कीकितनीभली थीनाज़ बिछौनेपली थीमाँ अँगना में खेलतीजूही कीकली थीपिता हथेली पे रखीगुड़-मिश्रीडली थीअल्हड़ हिरना झूमतीथोड़ी सीपगली थीभावी की गलियों मेंस्वप्न संजोएचली थीब्याही तो बेगाने घरधू-धू करजली थीबस…

शहीदों के बच्चे – (कविता)

शहीदों के बच्चे बड़े हो जाते हैं शहीदों के बच्चेबड़ा होने से पहले ही। पढ़ लेते हैं माँ की आँखों कीमूक भाषाजान लेते हैं मौन आह कीपरिभाषारोक लेते हैं कोरों…

कुसुम नैपसिक – (परिचय)

डॉ कुसुम नैपसिक भारत और अमेरिका में हिंदी अध्यापन का कार्य स्कूल और कॉलेज दोनों स्तरों पर किया है। फुलब्राइट लैंग्वेज टीचर असिस्टेंट कार्यक्रम के तहत अमेरिका में पढ़ाना शुरू…

यूक्रेनी कवि वसील स्तूस का हिंदी कविता – (अनुवाद)

मूल कविता : वसील स्तूस अनुवाद : यूरी बोत्वींकिन Ярій, душе… Ярій, душе. Ярій, а не ридай.У білій стужі сонце України.А ти шукай — червону тінь калинина чорних водах —…

अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मलेन 2025 – (सूचना)

अंतरराष्ट्रीय भारतीय भाषा सम्मेलन 2025,10 से 12 जनवरी 2025,दिल्ली,भारत में पंजीकरण के लिए गूगल फॉर्म का प्रयोग करें। https://forms.gle/xAgsQjfY6bBqLr7S7

एकाकी चलती जाऊँगी – (कविता)

एकाकी चलती जाऊँगी एकाकी चलती जाऊँगी। रोकेंगी बाधाएँ फिर भीबाँधेंगी विपदाएँ फिर भीराहें नई बनाऊँगीएकाकी चलती जाऊँगी। संकल्पों के सेतु होंगेनिष्ठा दिशा दिखाएगीसाहस होगा पथ प्रदर्शकआशा ज्योत जलाएगी विश्वासों के…

तारक चुनरी – (कविता)

तारक चुनरी कौन जुलाहातारक चुनरीबुनता सारी रात ? किरणों से करता नक्काशीबेल मोतिया टाँकेजूही-चंपा सजी पाँखुरीमोल भाव न आँके शरद चाँदनी जड़ी किनारीघूँघरू जोड़े साथचतुर जुलाहा तारक चुनरीबुनता सारी रात।…

मद्धम – (कविता)

मद्धम चाँद मद्धम, रात मद्धमरात की हर बात मद्धम। नभ की नीली नीलिमा मेंदीप झिलमिला रहेकाँपते अधर धरा केगीत गुनगुना रहे सुर मद्धम, ताल मद्धमबज रहे हैं साज मद्धम। अंग-अंग…

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