पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी
पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी हम घर का कचरा तो बुहार देते हैं, लेकिन बड़े घर यानी पर्यावरण को दूषित क्यों करते हैं? ये पृथ्वी हमारा बड़ा…
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पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी हम घर का कचरा तो बुहार देते हैं, लेकिन बड़े घर यानी पर्यावरण को दूषित क्यों करते हैं? ये पृथ्वी हमारा बड़ा…
“इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में ‘समीक्षा वार्ता’ के संघ शताब्दी विशेषांक का लोकार्पण, राष्ट्रचेतना और समीक्षा पर हुआ सार्थक विमर्श” दिनांक 2 जुलाई 2026 को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार…
महान फ़िल्म द ग्रेट डिक्टेटर के अंत में चार्ली चैप्लिन का भाषण : शैलेन्द्र चौहान मुझे खेद है लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। ये मेरा काम नहीं है। किसी…
साहित्य अकादेमी का ‘नारी चेतना एवं मुलाकात’ कार्यक्रम आयोजित
साहित्य अकादेमी की ओड़िया लेखन कार्यशाला का आयोजन
“भोपाल में सजेगा ‘शिवकुमार अर्चन स्मृति गीत विमर्श 2026’, मनोज जैन ‘मधुर’ होंगे सम्मानित”
बाल रंगमंच के रंगों से सजेगी राजधानी, ‘रंग अम्लान -2026’ का आगाज़
भारत–नीदरलैंड के सांस्कृतिक सेतु पर गूंजी डच कविता
प्रख्यात कवियों की रचनाओं से सजेगी काव्य गोष्ठी
पंचदिवसीय महाकवि डाॅ. कुंअरबेचैन जयंती उत्सव कार्यक्रम सम्पन्न गाजियाबाद। विश्व विख्यात महाकवि डाॅ. कुंअर बेचैन जयंती उत्सव-2026 का छठा कार्यक्रम देेवप्रभा प्रकाशन ने नेहरु नगर में ‘बातें कुंअर की’ नाम…
भारतीय भाषाओं को लाने के लिए पाठ्यपुस्तकों को द्विभाषी करना होगा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास एवं भारतीय भाषा मंच के संयुक्त तत्वाधान में भारतीय भाषा विचार समूह की राष्ट्रीय वेब…
हमीरपुर में साहित्य और संस्कृति का महाकुंभ, दो दिवसीय सृजन उत्सव का भव्य समापन हमीरपुर, 26-27 जून: पं. राम प्रसाद बिस्मिल फाउंडेशन एवं धौलाधार साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में…
‘भारतीय शिक्षा दिवस’ पर शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान’ दिनांक 2 जुलाई, दिल्ली में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के द्वारा आज एक ही दिन में देशभर में…
वर्षा ( बाल कविता ) : रामधारी सिंह “दिनकर” अम्मा, ज़रा देख तो ऊपरचले आ रहे हैं बादल ।गरज़ रहे हैं, बरस रहे हैं,दीख रहा है जल ही जल ।…
मिर्च का मज़ा ( बाल कविता ) रामधारी सिंह “दिनकर” एक काबुली वाले की कहते हैं लोग कहानी,लाल मिर्च को देख गया भर उसके मुँह में पानी। सोचा, क्या अच्छे…
चूहे की दिल्ली-यात्रा ( बाल कविता ) : रामधारी सिंह “दिनकर” चूहे ने यह कहा कि चूहिया! छाता और घड़ी दो,लाया था जो बड़े सेठ के घर से, वह पगड़ी…
सूरज का ब्याह ( बाल कविता) : रामधारी सिंह “दिनकर” उड़ी एक अफवाह, सूर्य की शादी होने वाली है,वर के विमल मौर में मोती उषा पिराने वाली है। मोर करेंगे…
नमन करूँ मैं ( बाल कविता ) : रामधारी सिंह “दिनकर” तुझको या तेरे नदीश, गिरि, वन को नमन करूँ मैं।मेरे प्यारे देश! देह या मन को नमन करूत्र मैं?किसको…
चांद का कुर्ता ( बाल कविता ) : रामधारी सिंह “दिनकर” हठ कर बैठा चाँद एक दिन, माता से यह बोला,‘‘सिलवा दो माँ मुझे ऊन का मोटा एक झिंगोला। सनसन…
स्वरांगी साने : नाम ही बदला है, घटना नहीं, कल सोनम थी, आज सिया, कल कोई और … इस बार नाम सिया है, पिछले साल सोनम थी। अगली बार कोई…