Category: आलेख

फिल्मी गीतों में रक्षाबंधन की स्वर-गाथा : डॉ. गिरीश कुमार वर्मा

फिल्मी गीतों में रक्षाबंधन की स्वर-गाथा : डॉ. गिरीश कुमार वर्मा डॉ. गिरीश कुमार वर्मा (‘डंडा लखनवी’) हिंदी के सुप्रतिष्ठित साहित्यकार, शोधकर्ता, नाटककार, बाल साहित्यकार एवं संपादक हैं। पाँच दशकों…

‘ओणम और भारतीय कालगणना’ : श्रेयस गोखले

‘ओणम और भारतीय कालगणना’ : श्रेयस गोखले ‘ओणम’ अथवा ‘तिरुवोणम्’ अर्थात् ‘श्रवण नक्षत्र’ का त्योहार। भारत में प्रत्येक पर्व किसी न किसी खगोलीय घटना से अवश्य जुड़ा होता है। इन्हीं…

गुयाना की संस्कृति में निहित भगवान राम : सुनील कुमार सिंह

गुयाना की संस्कृति में निहित भगवान राम : सुनील कुमार सिंह इस आलेख में लेखक सुनील कुमार सिंह ने लैटिन अमेरिका के गुयाना देश में विस्तारित भारतीय संस्कृति की छबियों…

‘द’ डिक्टेटर का समापन भाषण : सूरज प्रकाश

‘द’ डिक्टेटर का समापन भाषण : सूरज प्रकाश मुझे खेद है, लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। यह मेरा काम नहीं है। किसी पर भी राज करना या किसी को…

शब्द उगने लगे, लेखन शुरू हो गया : देवेन मेवाड़ी

शब्द उगने लगे, लेखन शुरू हो गया : देवेन मेवाड़ी क्या बहुत लिखकर लेखक बन जाने की अभिलाषा रही?कतई नहीं। एक साथी का सवाल याद आता है, जो वे हर…

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूँजी है।…

कृत्रिम मेधा के डिस्टिलेशन टेक्नोलॉजी के लिए लड़ाई! : डॉ.एस.ए.मंजुनाथ

कृत्रिम मेधा के डिस्टिलेशन टेक्नोलॉजी के लिए लड़ाई! : डॉ.एस.ए.मंजुनाथ कृत्रिम मेधा (AI) की दुनिया में आगे बढ़ने की होड़ अब एक नई टेक्नोलॉजी पर आ गई है, जिसे मॉडल…

गुरु पूर्णिमा : मनोज श्रीवास्तव

गुरु पूर्णिमा : मनोज श्रीवास्तव गुरु की पूर्णिमा इसलिए नहीं कि उस दिन चन्द्रमा पूरा होता है; बल्कि इसलिए कि गुरु का कार्य ही मनुष्य के भीतर की अपूर्णता को…

पाकिस्तान का चौंकाने वाला फैसला: 1947 के बाद पहली बार बच्चों को पढ़ाई जाएगी संस्कृत, स्कूलों में मिलेगा गीता का ज्ञान

पाकिस्तान का चौंकाने वाला फैसला: 1947 के बाद पहली बार बच्चों को पढ़ाई जाएगी संस्कृत, स्कूलों में मिलेगा गीता का ज्ञान पाकिस्तान संस्कृत एजुकेशन: विभाजन के बाद पहली बार पाकिस्तान…

कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने

कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने ज्ञान हर तरफ़ बिखरा पड़ा है, है न? यह ज्ञान के विस्फोट का युग है। व्हाट्सऐप से…

प्रदक्षिणाम पदे पदे : डॉ. गरिमा संजय दुबे

प्रदक्षिणाम पदे पदे : डॉ. गरिमा संजय दुबे संसार का आदि तीर्थ, आदि कर्मकांड कदाचित परिक्रमा ही है। परिक्रमा अथवा प्रदक्षिणा की परंपरा और महत्व देखने चलते हैं तो पता…

स्वरांगी साने : न्यूटन के बहाने से….

स्वरांगी साने : न्यूटन के बहाने से…. यदि किसी क्षण आप असुरक्षित महसूस करते हैं, तो ऐसा महसूस कर पाने के लिए भी बड़े साहस की ज़रूरत होती है। दुर्बलता…

पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी

पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी हम घर का कचरा तो बुहार देते हैं, लेकिन बड़े घर यानी पर्यावरण को दूषित क्यों करते हैं? ये पृथ्वी हमारा बड़ा…

महान फ़िल्म द ग्रेट डिक्टेटर के अंत में चार्ली चैप्लिन का भाषण : शैलेन्द्र चौहान

महान फ़िल्म द ग्रेट डिक्टेटर के अंत में चार्ली चैप्लिन का भाषण : शैलेन्द्र चौहान मुझे खेद है लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। ये मेरा काम नहीं है। किसी…

स्वरांगी साने : नाम ही बदला है, घटना नहीं, कल सोनम थी, आज सिया, कल कोई और …

स्वरांगी साने : नाम ही बदला है, घटना नहीं, कल सोनम थी, आज सिया, कल कोई और … इस बार नाम सिया है, पिछले साल सोनम थी। अगली बार कोई…

“आधुनिकता का संत्रास और संबंधों का साधनीकरण” (आलेख) : मनोज श्रीवास्तव

“आधुनिकता का संत्रास और संबंधों का साधनीकरण” (आलेख) : मनोज श्रीवास्तव सन् १९८० में जब सुभाष घई की फ़िल्म ‘क़र्ज़’ भारतीय सिनेमाघरों में आई, तो दर्शकों ने उसे एक रोमांचक…

मानक देवनागरी में ‘ळ’ चिह्न को शामिल किया जाना (आलेख ) : डॉ. वरुण कुमार

मानक देवनागरी में ‘ळ’ चिह्न को शामिल किया जाना (आलेख ) : डॉ. वरुण कुमार ऊपर संलग्न पृष्ठ को देखें। केन्द्रीय हिन्दी निदेशालय ने देवनागरी लिपि के नवीनतम मानकीकरण में…

मानकीकरण की अवधारणा और देवनागरी लिपि (आलेख) : डॉ. वरुण कुमार

मानकीकरण की अवधारणा और देवनागरी लिपि (आलेख) : डॉ. वरुण कुमार “देवनागरी लिपि का मानकीकरण!” यह पदबंध ही कुछ अजीब नहीं लगता? लिपि का मानकीकरण!! लिपि के चिह्न और लेखन…

धरती का दर्द – अनीता वर्मा

धरती का दर्द – अनीता वर्मा आवारा बादल खुशी से गुनगुनाता हुआ नीचे जा रही नदी को देख कर दीवाना हो रहा था। साफ हवाएँ उनके इश्क को देखकर तेजी…

इट हैपंस इन इंडिया: अनोखे रिश्ते – सच्चिदानंद जोशी

इट हैपंस इन इंडिया: अनोखे रिश्ते – सच्चिदानंद जोशी इंडिगो की फ्लाइट से गौहाटी जा रहा था। सबसे आगे वाली सीट थी , विंडो के पास। फ्लाइट चलने को हुई…

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