कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने
कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने ज्ञान हर तरफ़ बिखरा पड़ा है, है न? यह ज्ञान के विस्फोट का युग है। व्हाट्सऐप से…
हिंदी का वैश्विक मंच
कंप्यूटर के विंडो के साथ आइए एक झरोखा भी खोलें : स्वरांगी साने ज्ञान हर तरफ़ बिखरा पड़ा है, है न? यह ज्ञान के विस्फोट का युग है। व्हाट्सऐप से…
भारत की संस्कृति अनोखी है साम्प्रदायिक उत्पात के समय नोआखाली-प्रवास में एक दिन मनु गांधीजी के घी मल रही थीं और वह कुछ पेचीदा अंग्रेजी पत्र-व्यवहार सुन रहे थे। पत्र-व्यवहार…
कनाडा के वरिष्ठ साहित्यकार श्याम त्रिपाठी को श्रद्धांजलि : डॉ. शैलजा सक्सेना मृत्यु का सन्नाटा उन लोगों के लिए अधिक होता है जो पीछे रह जाते हैं। लोग कहते हैं…
चैट स्टोरी ( मैथिली ) ‘हैलो, फल्लां ग्रुप के एडमिन छी यौ’‘जी, कहल जाय।’‘हम बड़का कवि छी, जानल मानल।’‘अच्छा, नमस्कार श्रीमान। की नाम भेल, अपने के?’‘हमरा नय चिन्हय छ? ऐ…
रायबरेली उत्तर प्रदेश की रत्ना भदौरिया की इन कविताओं को पढ़ते हुए आपको लगता है कि आप आज के समय से दो-चार हो रहे हैं। पेशे से वे नर्स हैं,…
साहित्य अकादेमी में ‘पाठ और संस्कृतियाँ’ पर राष्ट्रीय साहित्यिक विमर्श
पुरु और प्राची : दिव्या माथुर बद्रीनारायण ओसवाल का इकलौता वारिस था उनका बेटा, हरिनारायण जो एक अमेरिकन लड़की से शादी करके कैलिफ़ोर्निया में जा बसा था। हालांकि हरिनारायण की…
“जर्मनी में भारतीय समाज, हिंदी भाषा, साहित्य एवं शिक्षण पर वैश्विक संगोष्ठी संपन्न” दिनांक 05 जुलाई 2026, को विश्व हिंदी सचिवालय, केंद्रीय हिंदी संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद, वातायन तथा भारतीय…
प्रदक्षिणाम पदे पदे : डॉ. गरिमा संजय दुबे संसार का आदि तीर्थ, आदि कर्मकांड कदाचित परिक्रमा ही है। परिक्रमा अथवा प्रदक्षिणा की परंपरा और महत्व देखने चलते हैं तो पता…
‘संकल्प दिवस’ पर राष्ट्र निर्माण के 90 वर्षों की प्रेरक यात्रा का स्मरण
खामोश हो गयी पण्डवानी की हुंकार : विनय उपाध्याय कला की रंगभूमि पर रणभूमि की हुंकार भरने वाली मशहूर पण्डवानी गायिका तीजन बाई ने जीवन के रंगमंच को अलविदा कह…
अनिल गोयल के उपन्यास ‘नया सवेरा’ पर आधारित ‘आपातनामा’ का रंगमंचीय प्रदर्शन
साहित्य संवाद : मनीषा कुलश्रेष्ठ
स्वरांगी साने : न्यूटन के बहाने से…. यदि किसी क्षण आप असुरक्षित महसूस करते हैं, तो ऐसा महसूस कर पाने के लिए भी बड़े साहस की ज़रूरत होती है। दुर्बलता…
पर्यावरण भी हमारा घर : चेतन सिंह सोलंकी हम घर का कचरा तो बुहार देते हैं, लेकिन बड़े घर यानी पर्यावरण को दूषित क्यों करते हैं? ये पृथ्वी हमारा बड़ा…
“इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र में ‘समीक्षा वार्ता’ के संघ शताब्दी विशेषांक का लोकार्पण, राष्ट्रचेतना और समीक्षा पर हुआ सार्थक विमर्श” दिनांक 2 जुलाई 2026 को संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार…
महान फ़िल्म द ग्रेट डिक्टेटर के अंत में चार्ली चैप्लिन का भाषण : शैलेन्द्र चौहान मुझे खेद है लेकिन मैं शासक नहीं बनना चाहता। ये मेरा काम नहीं है। किसी…
साहित्य अकादेमी का ‘नारी चेतना एवं मुलाकात’ कार्यक्रम आयोजित
साहित्य अकादेमी की ओड़िया लेखन कार्यशाला का आयोजन
“भोपाल में सजेगा ‘शिवकुमार अर्चन स्मृति गीत विमर्श 2026’, मनोज जैन ‘मधुर’ होंगे सम्मानित”