काग़ज़ के फूल
मेरे घर की खिड़की में चीड़-पेड़ों का उपवन दिखता है… उसी के पीछे से सूर्योदय होता है… किसी ने कहा है कि सूर्य कभी भेदभाव नहीं करता है, भलों-दुष्टों को…
हिंदी का वैश्विक मंच
मेरे घर की खिड़की में चीड़-पेड़ों का उपवन दिखता है… उसी के पीछे से सूर्योदय होता है… किसी ने कहा है कि सूर्य कभी भेदभाव नहीं करता है, भलों-दुष्टों को…
टोरोंटो एअरपोर्ट से अंतराष्ट्रीय उड़ानों का सिलसिला जारी था। दोपहर के क़रीब दो बज रहे थे। दुनिया के कोने-कोने में जाने वाले यात्रियों से हवाई अड्डे का चेक-इन एरिया खचाखच…
जैसे ही समीरा लंच से लौट कर आई उसके सेल फोन पर एक मैसेज आया। मैसेज को पढ़ते ही उसके चहेरे पर परेशानी की लकीरें उभरने लगीं। “माँ की तबीयत…
घर के अहाते में क़दम रखते ही गुड्डी की नज़र बरामदे में टंगे हुए डंडों पर झूलते नए पर्दों पर गई । प्रतिदिन की तरह विद्यालय से लौटते ही वह…
मेज़ पर जमी हुई धूल को तर्जनी ऊँगली से हटाते हुए और उसे शेष उंगलियों से रगड़कर झाड़ते हुए शर्मा जी झुंझलाए और फिर ऊँचे स्वर में कामिनी को पुकारते…
नीना ने गणेश जी की मूर्ति के सामने आरती का दिया रखा और श्रृद्धा से सिर झुकाकर प्रार्थना की। वहीं साथ ही क्राइस्ट की मूर्ति भी थी, उसके सामने भी…
“हाय दीदी!” चहकती हुयी निनी लिसा के कन्धों पर झूल गयी। “बहुत खराब हैं दीदी आप। कितना वेट कराया। नहीं आना था तो पहले ही बता देतीं। सारे लोग आप…
डॉक्टर अशोक अपने शयनकक्ष की बालकनी में दोलन कुर्सी पर गुमसुम बैठे हुए हैं। डॉक्टर अशोक ने ज़िंदगी में कभी भी अपने आपको इतना निरीह और नि:सहाय महसूस नहीं किया।…
आज बहुत दिनों बाद आभा अचानक पोर्ट ऑफ स्पेन के इंडियन ग्रोसरी स्टोर में मीना से टकरा गई। दोनों ही एक-दूसरे को देखकर चौंक गई। दोनों ने एक-दूसरे को ज़ोर…
सुबह के आठ बजते-बजते सूरज भड़भूजे की भट्ठी की तरह दहकने लगा था। वह पूरा जोर लगाकर लगभग भागते हुए, पीछा कर रहे सूरज के लहकते गोले की लपट से…
हमारी पूरी दुनिया में इस सदी में भयावह स्थिति तब बन गई, जब समस्त विश्व कोरोना जैसी महामारी की चपेट में आ गया और किसी के पास इससे बचने का…
अपने ही घर में माया चूहे सी चुपचाप घुसी और सीधे अपने शयनकक्ष में जाकर बिस्तर पर बैठ गई; स्तब्ध। जीवन में आज पहली बार मानो सोच के घोड़ों की…
स्वाति शुरू से ही जानती थी कि इवा उसकी अपनी माँ नहीं है। मगर जबसे तेरह की हुई तो उसके अवचेतन मस्तिष्क में सुप्त पड़े कुछ प्रश्न नई चेतना पा…