Category: दिन विशेष

दिन विशेष प्रवासी रचना : “वक्त ने प्रवासी बना दिया” – अनिता कपूर

दिन विशेष प्रवासी रचना : “वक्त ने प्रवासी बना दिया” – अनिता कपूर अनिता कपूर का यह आलेख प्रवासी साहित्य की पहचान और प्रवासी साहित्यकारों की अस्मिता को रेखांकित करती…

अव्यक्त को व्यक्त करने की क्षमता है, अनिल प्रभा में : डॉ. मनोज मोक्षेंद्र

अव्यक्त को व्यक्त करने की क्षमता है, अनिल प्रभा में : डॉ. मनोज मोक्षेंद्र समीक्षित पुस्तक: “शिवना कथा सप्तक : अनिल प्रभा कुमार’प्रकाशक : शिवना प्रकाशनविधा : कहानीकथाकार : अनिल…

दिन विशेष व्यंग्य : अम्मी की दुआओं में – डॉ. रमेश यादव

दिन विशेष व्यंग्य : अम्मी की दुआओं में – डॉ. रमेश यादव बरेली रेलवे स्टेशन के बाहर वह बड़े दार्शनिक अंदाज़ में बैठा था, जैसे भारतीय रेलवे की देरी और…

दिन विशेष कविता : “स्मृतियों का उजास” – दिब्येंदु कर्मकार

दिन विशेष कविता : “स्मृतियों का उजास” – दिब्येंदु कर्मकार सायक* था सदा मौन, अकेला, निराला,दफ़्तर में बीते वर्षों का जाला।न बोला अधिक, न किसी से मिला,जीवन का पथ वह…

दिन विशेष कविता में डॉ. कनिका वर्मा की कविताएँ

दिन विशेष कविता में डॉ. कनिका वर्मा की कविताएँ डॉ. कनिका वर्मा कनाडा से हैं। शिक्षण और अनुसंधान में उनका 14 वर्ष से अधिक का अनुभव है। वे नियमित रूप…

दिन विशेष कविता : बदरा – डॉ. अर्जुन गुप्ता

दिन विशेष कविता : बदरा – डॉ. अर्जुन गुप्ता साज सवँर के बदरा आएसाज सवँर के बदरा आए,पाहुन बन कर आज।आगे-आगे हवा मचलती,करे खूब आवाज॥बंद खिड़कियाँ दर दरवाजे,खुले आज हरओर।पाहुन…

दिन विशेष कहानी : नचनिया – डॉ. रेनू यादव

दिन विशेष कहानी : नचनिया – डॉ. रेनू यादव डॉ. रेनू यादव की यह कहानी लोमहर्षक है. इस कहानी में एक नचनिया (नृत्यांगना) के इर्द-गिर्द कथानक के ताने-बाने को बुना…

दिन विशेष युवा लेखन : घर की घड़ी – आरुष सेखू

दिन विशेष युवा लेखन : घर की घड़ी – आरुष सेखू आरुष सेखू की इस कविता को पढ़ते हुए कहा जा सकता है कि कवि में बड़ी संभावनाएं हैं। ‘घर…

दिन विशेष प्रवासी रचना : कविता – डॉ. इंदु बारौठ (चारण)

दिन विशेष प्रवासी रचना : कविता – डॉ. इंदु बारौठ (चारण) प्रस्तुत है कवयित्री डॉ. इंदु बारौठ की दो ग़ज़लें. दोनों ग़ज़लें स्वानुभूतिजन्य यथार्थपरक हैं जिनमें कवयित्री ने ग़ज़लों के…

हिंदी के घर में अंग्रेज़ी का भविष्य : हितेन्द्र पटेल

तेज़ी बच्चन, प्रकाशवती पाल और स्वतंत्र भारत की व्यावहारिक बुद्धि प्रभात रंजन ने हाल ही में हरिवंशराय बच्चन से जुड़ा एक दिलचस्प प्रसंग साझा किया। इस तरह की छोटी-छोटी ऐतिहासिक…

शब्द-सारथी की सहमति में दिव्या माथुर की कहानियाँ – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र

शब्द-सारथी की सहमति में दिव्या माथुर की कहानियाँ – डॉ. मनोज मोक्षेंद्र (दिव्या माथुर की कहानियां : एक सूक्ष्मावलोकन) चुनिंदा कथाकार ऐसे होते हैं जो शून्य से शुरू तो होते…

पुस्तक समीक्षा : “एक आदर्शवादी सपने को यथार्थ में बदलना” – नीलम दुग्गल ‘नरगिस’

पुस्तक समीक्षा : “एक आदर्शवादी सपने को यथार्थ में बदलना” – नीलम दुग्गल ‘नरगिस’ ‘टुवर्ड्स एन इगैलिटेरियन सोसाइटी’लेखक: डॉ. सुधा कुमारीप्रकाशक: आलोकपर्व प्रकाशनमूल्य: हार्ड कवर रु. 695/-, पेपरबैक रु. 495/-समीक्षक:…

दिन विशेष व्यंग्य : पेट्रोल महागाथा – डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र

दिन विशेष व्यंग्य : पेट्रोल महागाथा – डॉ. मनोज मोक्षेन्द्र डेढ़ किलोमीटर लंबी कतार में बिल्कुल आख़िरी छोर पर खड़े मियाँ अज़ायब ख़ान को दूरबीन से देखकर ही पहचाना जा…

दिन विशेष अनुवाद में हंगेरियन कविता ” Ősz ” : Balázs Béla का ‘इंदुकांत आंगरिस’ द्वारा हिन्दी में अनुवाद

दिन विशेष अनुवाद में हंगेरियन कविता ” Ősz ” : Balázs Béla का ‘इंदुकांत आंगरिस’ द्वारा हिन्दी में अनुवाद 7 अक्टूबर 1956 को दिल्ली में जन्मे इंदुकांत आंगरिस हिंदी, अंग्रेजी…

दिन विशेष कविता : खोज – अलकनंदा साने

दिन विशेष कविता : खोज – अलकनंदा साने मत करो वर्णमाला में शामिलकिसी संधि में जगह मत दोसमास में रहने दो अपने पीछेमंजूर है. एक बिनती हैतत्सम ही रहने दोअपभ्रंश…

दिन विशेष कविता : रिमझिम रिमझिम गिरत पानी – चन्द्रभूषण यदु

दिन विशेष कविता : रिमझिम रिमझिम गिरत पानी – चन्द्रभूषण यदु रिमझिम रिमझिम गिरत पानीबोती जमाती किसान किसानी सबके जिंनगी के इही कहानीका परजा अब का राजा रानी रिमझिम रिमझिम…

दिन विशेष कविता : प्यारी अम्मा – प्रियंका सिंह

दिन विशेष कविता : प्यारी अम्मा – प्रियंका सिंह एक धुंधली सी याद हैबचपन से ही साथ हैचूल्हे पर से उठता धुआँरसोई में बैठी हमारी अम्माहांडी में रखी दाल उबलतीसिल…

दिन विशेष युवा लेखन : ग़ज़ल – अजय जायसवाल ‘अनहद’

दिन विशेष युवा लेखन : ग़ज़ल – अजय जायसवाल ‘अनहद’ अजय जायसवाल ‘अनहद’ जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के मछली शहर स्थित अगहुआ बाजार (किशुनदासपुर) के मूल निवासी हैं तथा वर्तमान में…

दिन विशेष प्रवासी रचना : “बेतवा के किनारे, इतिहास के गलियारे में” – डॉ. वंदना मुकेश

दिन विशेष प्रवासी रचना : “बेतवा के किनारे, इतिहास के गलियारे में” – डॉ. वंदना मुकेश यह आलेख एक संस्मरणात्मक यात्रा-वृत्तांत है जिसमें प्रवासी लेखिका डॉ. वंदना मुकेश ने भारत…

दिन विशेष कथेतर : “जीवन यात्रा और गंतव्य” – मीरा गोयल

दिन विशेष कथेतर : “जीवन यात्रा और गंतव्य” – मीरा गोयल इस संस्मरण में मीरा गोयल दो देशों नामत: भारत और अमरीका की जीवन-शैलियों का विवरण देती हैं. जन्म-स्थान वाराणसी…

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