Day: August 11, 2026

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ पर संगोष्ठी आयोजित

दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की 84वीं वर्षगांठ पर संगोष्ठी आयोजित नई दिल्ली। भारत छोड़ो आंदोलन की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी द्वारा ‘भारत छोड़ो…

“प्रदेश में हिंदी और भारतीय संस्कृति” पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा

“प्रदेश में हिंदी और भारतीय संस्कृति” पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा कार्यक्रम: अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद एवं वैश्विक हिंदी परिवार के संयुक्त तत्वावधान में 12 अगस्त 2026 को प्रवासी भवन, नई दिल्ली…

धौलाधार साहित्यिक सृजन भारती द्वारा साहित्यिक सृजन और काव्य संवाद

धौलाधार साहित्यिक सृजन भारती द्वारा साहित्यिक सृजन और काव्य संवाद कार्यक्रम: धौलाधार साहित्यिक सृजन भारती द्वारा 11 अगस्त 2026 को गूगल मीट के माध्यम से आयोजित ऑनलाइन काव्य गोष्ठी एवं…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूँजी है।…

वैश्विक हिंदी परिवार: गंगा-कावेरी संवाद शृंखला रविवारीय मंच अंतर्संबंध (विशेष संदर्भ: पारस्परिक अनुवाद)” विषयक पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी का प्रतिवेदन

वैश्विक हिंदी परिवार: गंगा-कावेरी संवाद शृंखला रविवारीय मंच अंतर्संबंध (विशेष संदर्भ: पारस्परिक अनुवाद)” विषयक पर आयोजित ऑनलाइन संगोष्ठी का प्रतिवेदन 09/08/2026। विश्व हिन्दी सचिवालय , केन्द्रीय हिन्दी संस्थान , अंतरस्त्रीय…

काव्य गोष्ठी “अभिव्यक्ति–3” ने बिखेरी साहित्यिक रंगों की अनुपम छटा

काव्य गोष्ठी “अभिव्यक्ति–3” ने बिखेरी साहित्यिक रंगों की अनुपम छटा केवल काव्य परिवार के सौजन्य से आयोजित हुआ यादगार साहित्यिक आयोजन। नई दिल्ली, 9 अगस्त 2026केवल काव्य परिवार के सौजन्य…

‘लम्हें ज़िंदगी के’ की भव्य काव्य गोष्ठी में साहित्य और संवेदनाओं का हुआ अद्भुत संगम

‘लम्हें ज़िंदगी के’ की भव्य काव्य गोष्ठी में साहित्य और संवेदनाओं का हुआ अद्भुत संगम प्रेम, भक्ति, श्रृंगार और राष्ट्रभाव से सजी काव्यधारा; वृक्षारोपण के संदेश के साथ सम्पन्न हुआ…

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ

दिन विशेष विमर्श में डॉ. धनंजय कुमार की कविताएँ अमेरिका के विश्व बैंक से सेवानिवृत्त, मास्टर योग शिक्षक और चिकित्सक, लेखक, कवि, नाटककार, सार्वजनिक वक्ता एवं सांस्कृतिक कार्यकर्ता हैं डॉ.…

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