Category: विजय प्रभाकर नगरकर

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर

‘वैश्विक हिंदी परिवार’ की संगोष्ठी में उठा भाषा, शिक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक अस्मिता का व्यापक विमर्श : विजय नगरकर मातृभाषा : स्मृति नहीं, भविष्य की शक्ति भाषा केवल शब्दों का…

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर

ब्रज, भक्ति और लोक-कल्याण के शाश्वत प्रतीक – श्री कृष्ण : विजय नगरकर ‘वैश्विक हिंदी परिवार’ के साप्ताहिक मंच पर आयोजित विशेष संगोष्ठी में भगवान श्री कृष्ण के बहुआयामी व्यक्तित्व…

पौराणिक अवधारणाएँ और यंत्र बुद्धि : प्राचीन मेधा और आधुनिक विज्ञान का वैचारिक सेतु – विजय नगरकर

पौराणिक अवधारणाएँ और यंत्र बुद्धि : प्राचीन मेधा और आधुनिक विज्ञान का वैचारिक सेतु – विजय नगरकर मानव सभ्यता की प्रगति सदा से उसकी असीम कल्पनाओं और जिज्ञासा के पहियों…

परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत – विजय नगरकर

परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत – विजय नगरकर परदेसी मन की संवेदनाएँ : सात समंदर पार भी धड़कता है भारत न्यूज़ीलैंड से रोहित…

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर

पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर : विजय नगरकर साहित्य की दुनिया में कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जो समय की शिला पर अपनी अमिट छाप छोड़ते हैं। पद्मश्री डॉ. अशोक चक्रधर…

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर

जेन-जी की भाषा अब संसद तक! : विजय नगरकर “वास्तेगुना-हुइंया”, “कुचु-पुचु”, “FOMO”, “MIA”, “Delulu”, “Clocked It”—ये शब्द कभी केवल सोशल मीडिया और युवाओं की बातचीत तक सीमित माने जाते थे।…

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर

उत्तर-दक्षिण का सांस्कृतिक सेतु: हिंदी-कन्नड़ साहित्य का आत्मीय संवाद और अनुवाद की शक्ति : विजय प्रभाकर नगरकर भारत की विविधता उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि उसकी सबसे बड़ी सांस्कृतिक पूँजी है।…

भारत-मंगोलिया के बीच बौद्ध विरासत का आदान-प्रदान: पीएम मोदी की महत्वपूर्ण घोषणा – (ब्लॉग)

भारत-मंगोलिया के बीच बौद्ध विरासत का आदान-प्रदान: पीएम मोदी की महत्वपूर्ण घोषणा ~ विजय नगरकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में मंगोलिया के प्रधानमंत्री उखनागिन खुरेलसुख के साथ द्विपक्षीय…

“हॉब्सन-जॉब्सन, आधुनिक ऑक्सफोर्ड अंग्रेज़ी कोश और  हिंदी” – (आलेख)

हॉब्सन-जॉब्सन और आधुनिक ऑक्सफोर्ड अंग्रेज़ी कोश: हिंदी के बहाने अंतरराष्ट्रीय अंग्रेज़ी का विस्तार ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र 📜 भूमिका भाषा केवल संचार का माध्यम नहीं, बल्कि इतिहास, संस्कृति और…

हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास – (आलेख)

हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र हिंदी के मानकीकरण और दस्तावेज़ीकरण का इतिहास एक लंबी प्रक्रिया है जो सदियों से चली आ रही है।…

श्री गणेश चतुर्थी: विघ्नहर्ता की आराधना और एक प्रसिद्ध आरती की कहानी – (ब्लॉग)

श्री गणेश चतुर्थी: विघ्नहर्ता की आराधना और एक प्रसिद्ध आरती की कहानी ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र यह पावन पर्व हर वर्ष भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को…

‘न्यू नॉर्मल’ का अर्थ (लोकसभा में प्रयुक्त) – (ब्लॉग)

‘न्यू नॉर्मल’ का अर्थ (लोकसभा में प्रयुक्त) ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर महाराष्ट्र आज (29 जुलाई, 2025) लोकसभा सत्र में, “न्यू नॉर्मल” शब्द का व्यापक रूप से उपयोग किया गया, खासकर…

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान – (पुस्तक समीक्षा)

आदि महाकवि वाल्मीकि के अप्रतिम साहित्यिक अवदान ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र रामायण के आदि-कवि महर्षि वाल्मीकि भारतीय साहित्य की उस जीवंत ज्योति की तरह हैं, जिसकी आलोकरेखा सदियों से…

भाषा, उच्चारण और बहुभाषिकता : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? – (आलेख)

उच्चारण के सन्दर्भ में एक भारतीय पेशेवर की व्यथा : क्या उच्चारण ज्ञान का मानक है? ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भूमिका भाषा केवल संप्रेषण का माध्यम नहीं है, यह…

भाषा का मर्म – (अनुवाद)

~ आशुतोष अडोणी, (मराठी लेखक,वक्ता), नागपुर, महाराष्ट्र हिंदी अनुवाद – विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र भाषा का मर्म वेध एक एक मराठी लेखिका के बेटे के शादी का स्वागत समारोह था।…

‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह’ – (पुस्तक परिचय)

‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र ‘राष्ट्रभाषा विचार संग्रह‘ 🏢 प्रकाशक एवं संपादन विवरण संपादक: श्री मोहनलाल भट्ट प्रकाशक: राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, हिंदीनगर, वर्धा महाराष्ट्र प्रथम प्रकाशन वर्ष:…

सुशीला सामद – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

सुशीला सामद: हिंदी की पहली आदिवासी कवयित्री – एक विस्तृत परिचय ~ विजय नगरकर भारतीय साहित्य के विशाल फलक पर कई ऐसे नाम हैं, जो अपनी प्रतिभा और योगदान से…

साहित्यसेतू :  मराठी संतों की हिंदी यात्रा – (पुस्तक का परिचय)

साहित्यसेतू : मराठी संतों की हिंदी यात्रा ~ विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र खंड 1: प्रस्तावना एवं लेखक का परिचय “साहित्यसेतू” ( – पृष्ठ 1) डॉ. श्रीधर रंगनाथ कुलकर्णी ( –…

डिजिटल हिन्दी की यात्रा – (पुस्तक परिचय)

डिजिटल हिन्दी की यात्रा भूमंडलीकरण ने हमारे सामाजिक एवं सांस्कृतिक जीवन के साथ-साथ भारतीय भाषाओं को भी काफी प्रभावित किया है। आज के यांत्रिक युग में भाषा का प्रयोग केवल…

‘विज्ञान वैभव’: हिंदी में विज्ञान लेखन की एक अनुपम मिसाल – (पुस्तक परिचय)

विज्ञान वैभव: पुस्तक परिचय विजय नगरकर, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र विज्ञान हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन अक्सर इसे जटिल शब्दों और कठिन भाषाशैली में प्रस्तुत किया जाता है। इससे आम…

Translate This Website »