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“बड़े दुख से गुज़री हो तुम, है न? सच बड़ा कठिन समय रहा होगा”। उसे नहीं चाहिये थी सहानुभूति । “साइको थेरैपी” के लिये कई जगह जा चुकी थी वह।…
हिंदी का वैश्विक मंच
“बड़े दुख से गुज़री हो तुम, है न? सच बड़ा कठिन समय रहा होगा”। उसे नहीं चाहिये थी सहानुभूति । “साइको थेरैपी” के लिये कई जगह जा चुकी थी वह।…
मानोशी चटर्जी जन्म-स्थान : कोरबा वर्तमान निवास : टोरोंटो, कनाडा शिक्षा : स्नातकोत्तर रसायन शास्त्र, संगीत विशारद, बी.एड. प्रकाशित रचनाएँ : काव्यसंकलन ’उन्मेष’, ’समुद्र पार ग़ज़लें’ में ग़ज़लें संकलित, ‘हाइकु…
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प्रवेशांक, मार्च 2024 जून अंक, 2024
जल्दबाज़ी में यूँही, स्कूटर को आड़ा-टेड़ा खड़ा करके, तेज़ क़दमों से राकेश बढ़ा और सड़क के कोने पर छोटी सी फलों की छबड़ी लगाए लड़के से बोला, “अरे भईया, ज़रा…
आज सभी प्रदर्शनी की तैयारी में जुटे हुए हैं। एक कोलाहल सा मचा हुआ है। नहीं नहीं! हम कहीं बाहर प्रदर्शनी देखने नहीं जा रहे हैं, प्रदर्शनी यहीं है, हमारे…
आज नेहा के ऑफ़िस का वार्षिक उत्सव था। उसने अपने आप को आख़िरी बार आईने में निहारा- गुलाबी बनारसी साड़ी और उसपर सोने, मोती का हार व झुमके– वह बेहद…
जन्म स्थान : नई दिल्ली, भारत वर्तमान निवास : टोरोंटो, कैनेडा शिक्षा : बी.ए. अर्थशात्र (ऑनर्स) संप्रति : स्वतंत्र-लेखन प्रकाशित रचनाएँ : कवितायें, हाइकु विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित लेखन विधाएँ…
अंबिका कई दिनों से सोच रही थी कि ड्राइंग रूम की शोभा बढ़ाती काँच की अलमारी में सजी मूल्यवान क्रोकरी पर जमी धूल की सतह वह पुनः साफ़ करे। वह…
जैसे ही सीमा ने घर में क़दम रक्खा उसकी घबराई हुई माँ ने कहा, “मैं तो फ़िक्र के मारे मर ही गई थी बिटिया इतनी देर कर दी तूने पर…
जन्म : मैनपुरी उत्तर प्रदेश निवास : ब्रैम्पटन, ओंटेरियो शिक्षा : एम.ए.(इंग्लिश); बी.एड. कैनेडा में – टीचिंग ऑफ़ आर्ट, रीडिंग, ईएसएल स्पेशल एजुकेशन और इंटिग्रएटेड लर्निंग में विशेषज्ञता कार्य क्षेत्र…
आजकल मेरे स्कूल के दो क्लास्मेट याद आते हैं… वीक्टर और आलेक्स। ऐसा नहीं हैं कि मेरे बहुत पक्के मित्र थे, किंतु किशोरावास्था के एक दौर में काफ़ी करीब हो…
उस साल अपना पर्यटक-दल कश्मीर-लद्दाख की यात्रा में ले गया था… भारतीय मित्र तक मना कर रहे थे। दल में थीं मेरी पांच छात्राएँ, मेरी एक मौसेरी बहन, एक छात्रा…
जर्मन भाषा के माध्यम से हिंदी सीखने के लिए प्रारंभिक स्तर की यह महत्त्वपूर्ण पुस्तक है..
आइना नम्बु नुंग्शी… – मैं बोला जब वह मिली थी गली में… मणिपुरी में मुझसे “मैं तुमसे प्यार करता हूँ” सुनकर शर्माकर भाग गई… स्वभावतः वह घबराई। मणिपुर से मध्य-भारतीय…
मेरे घर की खिड़की में चीड़-पेड़ों का उपवन दिखता है… उसी के पीछे से सूर्योदय होता है… किसी ने कहा है कि सूर्य कभी भेदभाव नहीं करता है, भलों-दुष्टों को…
फ़रिश्ता… मेरी रक्षा के लिए भेजे फ़रिश्ते, तुम हो भी क्या?.. और हो तो बस छुप जाओ तुम मेरी पीठ के पीछे – सुरक्षित रहोगे… यह जो विजेता का सेहरा…
यूक्रेनी भाषा में हिन्दी शिक्षण- प्रारंभिक स्तर