Category: भारतीय रचनाकार

युयुत्सु – (कविता)

युयुत्सु किसने चाहा युयुत्सु बनना..?सत्य के पक्ष में डटे रहनासमय की नंगी तलवार पे चलनावो भी बिना डगमगाए…!!!कुछसत्ता के पक्षधरअक्सर प्रश्नों के बवंडरउड़ा देते हैंआँखों में धूल की मोटी परत…

नोरिन शर्मा – (परिचय)

नोरिन शर्मा अनुभव एवम उपलब्धियां: 1. शिक्षाविद् 33 वर्ष (एहलकॉन पब्लिक स्कूल) 2.लेखन : (क) उल्लास (व्याकरण पुस्तक शृंखला-कक्षा ६से८) (ख) नवीन हिंदी व्यावहारिक व्याकरण और रचना (१-८) 3. सांझा…

डॉ. जी. गोपीनाथन – (हिंदी के विकास में हिंदीतर)

डॉ. जी. गोपीनाथन: बहुभाषाविद, लेखक और शिक्षाविद डॉ. जी. गोपीनाथन एक प्रतिष्ठित भारतीय विद्वान, लेखक, शिक्षाविद और अनुवादक हैं। उन्होंने महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के कुलपति के रूप…

संतचरित्रकार संत कवि महीपती – (शोध आलेख)

संतचरित्रकार संत कवि महीपती मराठी संत कवी व संत चरित्रकार महिपती ने उत्तर भारत और महाराष्ट्र के अनेक संतों का परिचय ‘भक्तविजय ‘ मराठी ग्रंथ द्वारा प्रदान किया है। जिसका…

जगद्गुरु संत तुकाराम – (शोध आलेख)

जगद्गुरु संत तुकाराम ~ विजय नगरकर, अहमदनगर, महाराष्ट्र पंढरपुर स्थित विठ्ठल भगवान के वारकरी संप्रदाय के प्रमुख संतों में संत तुकाराम का नाम बहुत आदरपूर्वक लिया जाता है। संत तुकाराम…

विजय प्रभाकर नगरकर – (परिचय)

विजय प्रभाकर नगरकर जन्म स्थल: नेवासा (महाराष्ट्र) अहिल्यानगर, महाराष्ट्र सम्प्रतिः सेवानिवृत्त राजभाषा अधिकारी बीएसएनएल, अहमदनगर, महाराष्ट्र मातृभाषा: मराठी हिंदी अध्ययन मंडल नामित सदस्य: पुणे विश्वविद्यालय (1995-2000) औरंगाबाद विश्वविद्यालय (2000-2005) राष्ट्रीय…

भारत एकता आधार शंकरा – (कविता)

भारत एकता आधार शंकरा परिचय जब सनातन हो रहा था खंड खंड हो पाखंड से बाधितजब बौद्ध धर्म प्रतिक्रिया से वह हो रहा था अपमानिततब पुनः करने वेद शास्त्र पुराण…

अजेय जुगरान – (परिचय)

अजेय जुगरान पेशे से वकील और शौक से कवि-लेखक। पहली किताब, *अंतरंग सतरंग*, सत्तर हिंदी कविताओं का संग्रह, दिसंबर 2021 में प्रकाशित हुई और दूसरी, *द ब्रिज ऑन द रिवर…

महाकुंभ: ज्ञान, भक्ति व आस्था का संगम – (यात्रा संस्मरण)

महाकुंभ: ज्ञान, भक्ति व आस्था का संगम – शशिकांत कुंभ सदियों से भारतीय जन मानस की धार्मिक आस्था व संवेदनाओं से जुड़ा रहा है। इस तरह के आयोजनों के पीछे…

महात्मा गांधी संस्थान, मॉरीशस में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मातृ‌भाषा दिवस

महात्मा गांधी संस्थान, मॉरीशस के भोजपुरी विभाग द्वारा 21 फरवरी 2025 को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर एक कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य विषय “Bhojpuri: The…

राज शेखर – (परिचय)

प्रो. (डॉ.) राज शेखर आई. सी. सी. आर. हिंदी चेयर, महात्मा गांधी संस्थान, मोका, मॉरीशस। वे कवि, कहानीकार एवं आलोचक के रूप में प्रतिष्ठित हैं। उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा प्रतिष्ठित…

मॉरीशस देश में महाशिवरात्रि का पर्व – (आलेख – दिन विशेष)

मॉरीशस देश में महाशिवरात्रि का पर्व (– सुनीता पाहूजा) महाशिवरात्रि का पर्व भारत में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। वर्षभर में 12 शिवरात्रियाँ होती हैं परंतु इनमें महाशिवरात्रि…

शिव विरोधाभासी प्रतीकों के परे हैं – (आलेख – महाशिवरात्रि पर विशेष प्रस्तुति)

शिव विरोधाभासी प्रतीकों के परे हैं – अनिल जोशी मेरा भी पहला संपर्क शिव से रामकथा के माध्यम से आया आता है। रामकथा में हम पाते हैं कि रावण पर…

रुद्रावतार – (कविता – महाशिवरात्रि के अवसर पर विशेष प्रस्तुति)

रुद्रावतार भगवान भुवन-भास्कर का मुख झलका पूरब की दिशा हुई रक्तिमलहरियाँ उठीं मद्धिम-मद्धिम शिव समाधिस्थ थे, ध्यान कलश छलका भगवान भुवन-भास्कर का मुख झलका देखा__धर्म की ध्वजा है जीर्ण-शीर्ण अहसास…

उद्भ्रांत – (परिचय)

उद्भ्रांत जन्मतिथि : 4 सितम्बर, 1948 ई. नवलगढ़ (राज.) – कागजों में 6 मई, 1950 ई; कानपुर में शिक्षा-दीक्षा: वर्ष 1959 से रचनारंभ। प्रकाशित पुस्तकों की संख्या 150 से अधिक,…

अशोक कुमार बत्रा – (परिचय)

डॉ. अशोक कुमार बत्रा पूर्व प्राचार्य, श्री लाल नाथ हिंदू कॉलेज रोहतक हरियाणा पता – H-1004, माइक्रोटेक ग्रीनबर्ग,सेक्टर 86, गुरुग्राम 122005 साहित्यिक लेखन पुस्तकें — * सन 57 * तेजपुंज…

छायावाद हिंदी साहित्य के उत्थान की काव्य-धारा – (कविता)

छायावाद हिंदी साहित्य के उत्थान की काव्य-धारा – डॉ अर्जुन गुप्ता ‘गुंजन’, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल में द्विवेदी युग के बाद के काल को छायावादी युग…

एक नयी सिन्ड्रेला – (कहानी)

एक नयी सिन्ड्रेला – डॉ संतोष गोयल सिन्ड्रेला की कहानी उसके प्रिय राजकुमार के आने तथा अपने साथ अपने घर ले जाने के बाद समाप्त हो जाती है, पर मेरी…

संन्तोष गोयल – (परिचय)

डॉ संन्तोष गोयल 2. साहित्यिक लेखन . कहानी संग्रह: नये प्रकाशन विशेष – सन्तोष गोयल का सृजन यात्रा 🙂 एक परख सम्पादक-: डा कमलेश सचदेव (सह सम्पादक “संचेतना ” पत्रिका)…

महाकुंभ :  सनातन का विराट उत्सव – (यात्रा संस्मरण)

महाकुंभ : सनातन का विराट उत्सव – नरेश शांडिल्य (एक यात्री, जिसके कंधे पर दो बैग टंगे हैं) : कहां से है आ रहे हो? मधुबनी से कैसे आए? ट्रेन…

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