Category: भारतीय रचनाकार

प्राथमिकता का व्याकरण – (कविता)

प्राथमिकता का व्याकरण बहुत जटिल होता है प्राथमिकता का व्याकरणवैसे यह निर्भर करता है व्यक्ति-व्यक्ति पर कुछ लोग अपना अर्जित सब कुछ गँवा देते हैंपर नहीं बदलते प्राथमिकताकुछ बदल लेते…

नए सुख के पास जादुई धूल होती है विस्मृति की – (कविता)

नए सुख के पास जादुई धूल होती है विस्मृति की नए सुख में होती है मादकताअफीम से ज़्यादा नया सुख आता हैऔर मनुष्य बहुत कुछ भूल जाता हैकई बार तो…

जितेन्द्र श्रीवास्तव – (परिचय)

जितेन्द्र श्रीवास्तव देवरिया (उत्तर प्रदेश) में जन्मे और जे एन यू, नई दिल्ली से उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले प्रतिष्ठित कवि-आलोचक जितेन्द्र श्रीवास्तव इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई दिल्ली…

अनुत्तरित प्रश्न – (कविता)

अनुत्तरित प्रश्न बच्चे आजकल बहुत प्रश्न करते हैंमाँओं के पास उत्तर नहीं हैंपिता से पूछो तो झल्लाते हैंप्रश्न पूछने को बेवकूफी बताते हैंअध्यापकों के पास, हर प्रश्न केकुछ रेडीमेड उत्तर…

फूल खिल रहा है – (कविता)

फूल खिल रहा है वहाँ बगीचे में फूल खिल रहा हैनहीं, फूल हँस रहा हैफूल खुशियाँ बाँट रहा हैसुगंध लुटा रहा हैफूल शुभकामनाओं के रंग छलका रहा हैउमंगों के इंद्रधनुष…

जंगल का कानून – (कविता)

जंगल का कानून बचपन लाचार है, यौवन मजबूरप्रौढ़ कोल्हू का बैल हो गया हैबुढ़ापा टुकड़ों पर ललचाता श्वानगलियों के आवारा कुत्ते, सफेदपोशों पर भौंकते हैंसांड स्वच्छंद विचरतेजंगल छोड़ भेड़िए, नगरों…

हँसी और मुस्कान – (कविता)

हँसी और मुस्कान हँसी और मुस्कान, दो बहिनेंएक होकर भी अलगएक ही डाल पर खिले दो फूलएक अधखिली कली, दूसरी पूरा खिला फूलएक भोर की पहली किरन-सी उजली, नाजुक, लजीलीदूसरी…

मंजु गुप्ता – (परिचय)

मंजु गुप्ता डॉ. मंजु गुप्ता हिन्दी एम. ए., पीएच.डी., डी.लिट्.एसोसिएट प्रोफेसर कमला नेहरू कॉलेज आगरा विश्वविद्यालय. की सर्वश्रेष्ठ छात्रा होने के लिए चांसलर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गयासर्वश्रेष्ठ वाद-विवादकर्ता,…

वेनिस का सौदागर : यहूदी घृणा की जड़ें – (आलेख)

वेनिस का सौदागर : यहूदी घृणा की जड़ें डॉ वरुण कुमार दूसरे विश्वयुद्ध के दौरान नाजी सरकार द्वारा यहूदियों का नरसंहार बीसवीं सदी की हृदयविदारक घटनाओं में से एक है,…

तमिल कवि पं. प्रेमलाल सुबरन की ‘अंजले’ कविता का हिंदी अनुवाद – (अनुवाद)

अनुवादक : सुनीता पाहूजा तमिल भाषी कवि पं. प्रेमलाल सुबरन द्वारा 1943 में रचित कविता ‘अंजले’ का हिंदी अनुवाद अंजले हाय! अफ़सोस! क्यों हमारे हृदय पिघल न जाएँ?क्या महान भारत…

सुनीता पाहूजा – (परिचय)

सुनीता पाहूजा नाम : सुनीता पाहूजा जन्म : 23 जनवरी 1964 लुधियाना, पंजाब, भारत शिक्षा : एम. कॉम (दिल्ली विश्वविद्यालय) एम. ए (हिंदी) (हिमाचल विश्वविद्यालय) बीएड (अन्नामलई विश्वविद्यालय) कार्यक्षेत्र :…

एक छोटी सी बेवफाई – (पंजाबी कहानी अनुवाद)

पंजाबी कहानीकार : जसवीर राणा अनुवादिका : जसविन्दर कौर बिन्द्रा एक छोटी सी बेवफाई सभी ने चिता में तिनके तोड़ कर फेंक दिए थे मगर मैं नहीं फेंक पाया था।…

जसविन्दर कौर बिन्द्रा – (परिचय)

जसविन्दर कौर बिन्द्रा डॉ जसविन्दर कौर बिन्द्रा हिन्दी-पंजाबी दोनों भाषाओं में समान रूप से समालोचना, अनुवाद और मौलिक लेखन। दोनों भाषाओं में अनुवादित 75 से अधिक पुस्तकें प्रतिष्ठित प्रकाशनों से…

ये बनारस का ज़िक्र है दोस्तों – (यात्रा-वृतांत)

ये बनारस का ज़िक्र है दोस्तों -अनीता वर्मा बचपन में एक फ़िल्म देखी थी “बनारसी बाबू “। बुरे भी हम भले भी हम, जैसी पंक्ति यूँ ही नहीं कही गई…

मीनाक्षी जोशी – (परिचय)

मीनाक्षी जोशी डॉ मीनाक्षी जोशीएम ए (हिन्दी), एम फिल, पीएच-डी (हिन्दी), बी एड., सर्टिफिकेट कोर्स ऑफ मास कम्यूनिकेशन।पूर्व अध्यक्ष, हिन्दी विभाग, जे एम पटेल कॉलेज भंडारा, महाराष्ट्रपूर्व सदस्य-भाषा सलाहकार समिति…

साहित्य की प्रभाव क्षमता और हिन्दी समाज – (समीक्षा)

साहित्य की प्रभाव क्षमता और हिन्दी समाज डॉ० वरुण कुमार कवि कुछ ऐसी तान सुनाओजिससे उथल पुथल मच जाएएक हिलोर इधर से आए,एक हिलोर उधर से आएहाहाकार महा छा जाए।…

श्री गुरु नानक देव जयंती पर विशेष – (श्रद्धांजलि)

हे बाबा नानक! बहुत पुरानी बात हैयुगों पुरानी नहींबाबा नानक, चहुं दिशाएं घूमतान कोई सवारी, न कोई ठेलाअपने पांवों पर चलअपने भक्तों तक पहुंचताया जो उसकी प्रतीक्षा मेंनज़रें बिछाए रहतास्वयं…

दिविक रमेश की बाल कविताएँ – (बाल कविता)

चलो बोल दो सॉरी तो ढीली थी सो खिसक गई थोड़ी इधर-उधर।हँसने की क्या बात है जी क्यों इतनी खिर-खिर।क्या पेंट ने कोई जोक अजी सुनाया है।देख किसी को परेशान…

दिविक रमेश – (परिचय)

दिविक रमेश दिविक रमेश (वास्तविक नाम रमेश चंद शर्मा) हिंदी के सुप्रतिष्ठित कवि, बाल-साहित्यकार, अनुवादक और चिंतक हैं जिनका जन्म 1946 में गांव किराड़ी (दिल्ली) में हुआ था। संपूर्ण शिक्षा…

बाल दिवस पर विशेष – (बाल कविता)

अनीता वर्मा की बाल कविताएँ सूरज रवि गगन पर रौब जमातेअपनी दुनिया में इठलातेललाट तेज पर खूब चमकतादीप दीप्ति से अद्भुत दमकता धरती को प्रकाश पहुँचातेसुबह-सुबह आकाश में आतेपात-पात और…

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